कोरिया। चरचा-कटगोडी सड़क निर्माण की मांग को लेकर शिवपुर चरचा में आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है। शुक्रवार को चरचा बचाओ मंच के आह्वान पर नगर पालिका क्षेत्र में बंद रखा गया। इसका असर बाजार में साफ नजर आया और अधिकांश दुकानों के शटर बंद रहे। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी नगर पालिका चुनाव के बहिष्कार का रास्ता अपनाया जाएगा।
7 किलोमीटर सड़क को लेकर लंबे समय से मांग
आंदोलन का मुख्य मुद्दा चरचा से कटगोडी के बीच करीब 7 किलोमीटर सड़क का निर्माण है। मंच का कहना है कि यह सड़क बनने से आसपास के क्षेत्र में रहने वाले करीब 50 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। सड़क सुविधा बेहतर होने से आवागमन सुगम होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने और पलायन पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अध्यक्ष ने दी मामले की जानकारी
चरचा बचाओ मंच के अध्यक्ष नीरज गुप्ता ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल या नेता का विरोध करना नहीं है। उनका कहना है कि क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं और भविष्य को लेकर मंच लगातार सड़क निर्माण की मांग उठा रहा है। इसके लिए विधायक, मुख्यमंत्री और तत्कालीन कलेक्टर तक मांग पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मकानविहीन परिवारों के लिए SECL की जमीन की मांग
सड़क निर्माण के अलावा मंच ने स्थानीय आवासहीन परिवारों के लिए एसईसीएल चरचा की खाली जमीन उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है। मंच के मुताबिक, क्षेत्र के जरूरतमंद परिवारों को जमीन मिलने से उन्हें स्थायी आवास की सुविधा मिल सकेगी और स्थानीय लोगों का दूसरे स्थानों की ओर पलायन भी कम किया जा सकेगा।
व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने दिया समर्थन
बंद के दौरान स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने आंदोलन के समर्थन में अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। मंच से जुड़े लोगों ने कहा कि सड़क और भूमि से जुड़ी मांगों पर यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन का दायरा और बढ़ाया जाएगा। मंच ने दोहराया कि सड़क निर्माण और भूमि आवंटन को लेकर शासन-प्रशासन से ठोस पहल की उम्मीद है। वहीं, मांग पूरी नहीं होने पर आगामी निकाय चुनाव में मतदान के बहिष्कार की चेतावनी आंदोलन को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बना रही है।
