जगदलपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर संभाग के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने बस्तर फाइटर्स के 5,800 पदों पर भर्ती को मंजूरी दे दी है। इस विशेष सुरक्षा बल का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना, स्थानीय युवाओं को सरकारी रोजगार देना और बस्तर में स्थायी शांति एवं विकास को बढ़ावा देना है।
सरकार की योजना के अनुसार पहले चरण में 1,500 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से शेष पदों पर भी भर्ती की जाएगी।

राज्य सरकार की रणनीति के तहत भविष्य में बस्तर में तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की संख्या को धीरे-धीरे कम किया जाएगा। उनकी जगह स्थानीय युवाओं से गठित बस्तर फाइटर्स सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। सरकार का मानना है कि क्षेत्र की भाषा, संस्कृति और भौगोलिक परिस्थितियों से परिचित स्थानीय युवा सुरक्षा अभियानों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगे, जिससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विश्वास का माहौल मजबूत होगा।
वन मंत्री केदार कश्यप ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवा प्रतिभाशाली, साहसी और देश सेवा के लिए सदैव तैयार रहते हैं। सरकार ने उन्हें अपने ही क्षेत्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर देकर ऐतिहासिक पहल की है।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से हजारों युवाओं को सरकारी रोजगार मिलेगा और बस्तर में विकास के साथ-साथ स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों को नई गति मिलेगी। राज्य सरकार बस्तर के समग्र विकास, युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और माओवाद की चुनौती का स्थायी समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया में बस्तर संभाग के स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वे अपने क्षेत्र की सुरक्षा, विकास और सामाजिक परिवर्तन में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।

