भिलाई। मालिक ने त्रस्त कर रखा था। ड्राइवर परेशान था। ड्राइवर ने मालिक को सबक सिखाने के लिए साजिश रची। दोस्तों को इसमें इन्वॉल्व किया और वारदात को अंजाम दे दिया। पूरा मामला आपको विस्तार से बताते हैं। दुर्ग पुलिस ने आज इसका खुलासा भी किया है।

ग्रामीण एएसपी अनंत साहू ने बताया कि 7 मई को सुंदर नगर रायपुर निवासी किशन लाल चंद्राकर ने पाटन थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि अपने कार सीजी 04 एच 3362 से ड्रायवर बटंग अमलेश्वर निवासी विजेंद्र चक्रधारी 32 वर्ष के साथ दोपहर 2.50 बजे परिचित शेषनारायण बंछोर का 1 लाख 98 हजार रूपये एसबीआई बैंक पाटन से सिकोला की ओर जा रहा था।
इस दौरान आईटीआई- कालेज के सामने नाला के पास पाटन में ड्रायवर कार रोक कर फ्रेस होने गया। तभी तीन अज्ञात युवक बाइक सवार पहुंचे और बैग और कार की चाबी लेकर फरार हो गए।
पुलिस मामले को गंभीरता से लेकर खोजबीन शुरु की गई। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम बनाई गई। घटनास्थल के आसपास में पुलिस ने 20-25 सीसीटीव्ही कैमरे खंगाले गए। जिसमें फूटेज खंगालने के बाद संदिग्ध किस्म के युवक दिखने लगे। पुलिस ने मुखबिर और सायबर की टीम के आधार पर कार ड्रायवर को पकड़ लिया।
पूछताछ करने पर ड्रायवर ने पुलिस को बताया कि अपने दोस्तों के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि ड्रायवर ने अपने मालिक से परेशान होकर उसको सबक सिखाने के लिए मरोदा नेवई निवासी नरेश यादव 31 वर्ष को फोन कर साजिश रचने कार की नंबर की फोटो खींचकर उसे भेज दिया।
घटना में स्टेशन मरोदा इंदिरा चौक निवासी हेमंत साहू उर्प नजरिया 27 वर्ष, उतई अशवंत रात्रे 19 वर्ष भी शामिल थे। ड्राइवर समेत चार ने मिलकर साजिश रचने की बात बात बताई। आरोपियों से पुलिस ने 1 लाख 90 हजार रुपए, बैग में रखे एटीएम कार्ड, पास-बुक, चेक-बुक समेत अन्य सामान बरामद किया है।