DAV जामुल में हंगामा: पैरेंट्स टीचर मीटिंग में पहुंचे अभिभावकों को पहले फीस पटाने कहा गया, काउंटर में लगी लंबी लाइन से पालक हुए परेशान; DEO बोले- पैरेंट्स से सही तरीके से पेश आए स्कूल प्रबंधन

भिलाई। एसीसी जामुल में संचालित डीएवी पब्लिक स्कूल में पैरेंट्स टीचर मीटिंग (PTM) में हंगामा की खबर सामने आ रही है। दरहसल, पीटीम में जैसे ही पैरेट्स क्लास टीचर के पास पहुंचे उन्हें फीस पटाने के लिए भेज दिया गया। इतना ही नहीं फीस काउंटर में सिर्फ एक कर्मचारी बैठाया गया। इससे परिजनों को घंटों लाइन में लगना पड़ा। इस बात को लेकर परिजनों ने काफी हंगामा किया।

फीस पटाने के लिए लाइन में खड़े 80 साल के बुजुर्ग एसएस उपाध्याय ने कहा कि उन्हें पहले से फीस पटाने के लिए कोई रिमाइंडर या कॉल नहीं किया गया। न ही स्कूल डायरी में नोट लिखा गया। पैरेंट्स मीटिंग में हाफ इयर्ली एग्जाम के नंबर और कॉपी भी दिखाई जानी थी। जब हम क्लास रूम पहुंचे टीचर ने कहा दो महीने की फीस बाकी है उसे पटा कर आओ। नीचे फीस पटाने के लिए गए तो वहां एक ही काउंटर खुला था। उसमें काफी लंबी लाइन थी। बुढ़ापे में बीमार हालत में इस तरह लाइन में खड़ा कराना कहां तक सही है। फीस पटाने के लिए रिमाइंड दिया जाता या और भी 6 माह का समय है आगे वार्षिक परीक्षा फीस न देने पर उसमें बैठने से रोकते तो समझ आता इस तरह फीस के लिए परिजनों को परेशान करना गलत है।

PTM की वजह से लेनी पड़ी छुट्टी
बालोद में पेशे शिक्षिका पी वर्मा का कहना है कि उन्हें 9 बजे पैरेंट्स मीटिंग में बुलाया गया। फिर फीस पटाने के लिए अचानक बोला गया। यहां लंबी लाइन में लगना पड़ा। इससे अब उन्हें छुट्टी लेना पड़ा। अगर कोई शुरूआत से फीस नहीं पटाता तो समझ आता। मात्र दो – तीन महीने की फीस के लिए इस तरह स्कूल बुलाकर पैरेंट्स को पीटीएम से बाहर करना। फीस के लिए लाइन में खड़ा होने के लिए मजबूर करना कहां का शिष्टाचार है। डीएवी गुरुकुल परंपरा का पालन करने वाला स्कूल है, लेकिन अब यहां भी बाकी प्राइवेट स्कूलों का कल्चर आता जा रहा है।

प्रिंसिपल छुट्टी पर तब रखी गई PTM
पीटीएम में आए पैरेंट्स का कहना है कि स्कूल में पीटीएम इसी लिए रखा जाता है कि बच्चे के ग्रोथ और उसकी एक्टिविटी का जानकारी टीचर दे सके। साथ ही यदि कोई टीचर सहीं न पढ़ाए तो उसकी शिकायत पैरेंट्स प्रिंसिपल से कर सकें। डीएवी में मनाने तरीके से काम चल रहा है। यहां प्रिंसिपल पिछले तीन से छुट्टी पर हैं। ऐसे समय में पीटीएम रखा जा रहा है, जिससे पैरेंट्स प्रिसिंपल से मिल ही न पाएं। प्रिंसिपल के न होने से कई बच्चों को स्पोर्ट एक्टिविटी का मैडल तक नहीं मिला है।

अभिभावकों से सही तरीके से पेश आए स्कूल प्रबंधन- DEO
डीईओ दुर्ग अभय जायसवाल का कहना है फीस पटाना जरूरी है। बिना फीस के कोई संस्था चल नहीं सकती है। लेकिन अचानक इस तरह फीस के लिए पैरेंट्स को लाइन में खड़ा कराना गलत है। स्कूल प्रबंधन को चाहिए वह सभी अभिभावकों से अच्छे से पेश आएं उनके साथ गलत व्यौहार न करें। यदि ऐसी शिकायत आती है तो इसकी जांच की जाएगी।

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