सौम्या चौरसिया को बिलासपुर हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत… शराब घोटाला मामले में जमानत याचिका मंजूर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया को बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शनिवार को जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका को मंजूर कर लिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पिछला फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे आज सुनाया गया।

ED की चार्जशीट पेश होते ही मिलेगी रिहाई

सौम्या चौरसिया के वकील हर्षवर्धन परगनिहा ने जानकारी दी कि हाईकोर्ट ने कुछ विशेष शर्तों के साथ जमानत याचिका स्वीकार की है। हालांकि विस्तृत आदेश (Detailed Order) की कॉपी अभी प्रतीक्षित है, लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिस दिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में अपनी चार्जशीट (चालान) पेश करेगा, उसी दिन उन्हें जेल से रिहा कर दिया जाएगा। चर्चा है कि ED इस मामले में जल्द ही चालान पेश करने की तैयारी में है।

दो महीने पहले हुई थी दोबारा गिरफ्तारी

गौरतलब है कि करीब दो महीने पहले ED ने शराब घोटाला मामले में पूछताछ के बाद सौम्या चौरसिया को रायपुर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद स्पेशल कोर्ट ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। तब से वे रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद थीं। सौम्या ने ED और ACB/EOW दोनों की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाएं लगाई थीं।

कोल लेवी मामले में पहले ही मिल चुकी है राहत

यह पहली बार नहीं है जब सौम्या चौरसिया को राहत मिली है। इससे पहले 30 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने कोल लेवी (कोयला घोटाला) और DMF घोटाला मामले में सौम्या चौरसिया सहित 6 आरोपियों (निलंबित IAS रानू साहू और समीर बिश्नोई आदि) को सशर्त जमानत दी थी।

छत्तीसगढ़ में प्रवेश पर है पाबंदी

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते वक्त कड़ी शर्तें रखी थीं, जिसमें मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ में रहने पर पाबंदी शामिल थी। गवाहों को प्रभावित न करने की शर्त पर कोर्ट ने कहा था कि आरोपी जिस भी शहर में रहेंगे, वहां के स्थानीय थाने को अपना पता देना अनिवार्य होगा। जानकारी के अनुसार, पिछली जमानत के बाद सौम्या बेंगलुरु में रह रही थीं, जहां से उन्हें शराब घोटाला मामले में दोबारा हिरासत में लिया गया था।

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