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कोंडागांव: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में ‘पीएमश्री’ स्कूल की शिक्षिकाओं द्वारा स्कूल परिसर में रील्स बनाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब शिक्षा विभाग ने इस पर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। गरियाबंद की घटना से सबक लेते हुए कोंडागांव जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने जिले के सभी शासकीय कर्मचारियों के लिए एक सख्त चेतावनी और दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

क्या है मामला?
हाल ही में सोशल मीडिया पर सरकारी स्कूलों में ड्यूटी के दौरान शिक्षकों द्वारा फिल्मी गानों पर रील्स और वीडियो बनाने के मामले सामने आए थे। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए विभाग ने अब स्पष्ट कर दिया है कि स्कूल की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आदेश की मुख्य बातें:
DEO द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रतिबंध लगाया गया है:
- समय और स्थान: कार्यालय समय के दौरान या शासकीय परिसर में किसी भी प्रकार की रील्स या वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- संसाधनों का दुरुपयोग: शासकीय वर्दी, सरकारी दस्तावेज, कार्यालय की सामग्री या परिसर का उपयोग निजी सोशल मीडिया कंटेंट के लिए नहीं किया जा सकेगा।
- नियमों का हवाला: यह कृत्य ‘शासकीय सेवा आचरण नियमों’ के विपरीत माना गया है, जिससे विभाग की छवि धूमिल होती है।
- कड़ी कार्रवाई की चेतावनी: यदि कोई कर्मचारी इन निर्देशों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

“शासकीय कर्मचारी का प्रथम दायित्व अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना है। अनुशासन और गरिमा बनाए रखना अनिवार्य है।” — जिला शिक्षा अधिकारी, कोंडागांव।
किसे भेजा गया निर्देश?
यह आदेश जिले के सभी प्राचार्य, प्रधान पाठक, और शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक/हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों को भेज दिया गया है ताकि वे अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों से इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करा सकें।


