रायपुर। राजधानी में करोड़ों रुपये की ज्वेलरी चोरी के मामले में उस समय सनसनी फैल गई, जब इस मामले में संदिग्ध एक नाबालिग आरोपी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना खम्हारडीह थाना क्षेत्र की है। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार मामला राजधानी के गांधी नगर स्थित एक ज्वेलरी दुकान में हुई करोड़ों रुपये के जेवरात चोरी से जुड़ा हुआ है। पुलिस इस हाई-प्रोफाइल चोरी मामले की जांच कर रही थी और संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम एक नाबालिग संदिग्ध के घर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि जैसे ही नाबालिग ने पुलिस अधिकारियों को अपने घर के बाहर देखा, वह घबरा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक नाबालिग तुरंत घर के अंदर गया और खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसके कुछ ही देर बाद उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मयंक गुर्जर सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कमरे को सील कर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है ताकि घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा सकें। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नाबालिग ने मानसिक दबाव में यह कदम उठाया या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
सूत्रों के मुताबिक जिस ज्वेलरी दुकान में चोरी हुई थी, वहां से करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण गायब हुए थे। पुलिस को जांच के दौरान कुछ अहम सुराग मिले थे, जिसके आधार पर नाबालिग तक पहुंचने का दावा किया जा रहा था। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नाबालिग की इस चोरी में कितनी भूमिका थी।
घटना के बाद इलाके में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई और दबाव के कारण नाबालिग ने यह कदम उठाया हो सकता है। वहीं कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि चोरी के बड़े नेटवर्क से जुड़े होने के कारण वह भयभीत था। हालांकि इन सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

