अंडा। दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुथरेल में विजयादशमी के अवसर पर सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति द्वारा जिले के सबसे बड़े दशहरा उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। उत्सव में दुर्ग-भिलाई सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान भव्य रामलीला, राम-रावण युद्ध और रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने लोगों का मन मोह लिया।
भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीराम, माता जानकी और संकटमोचन हनुमान जी की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ हुई। इसके बाद गांव के बाल कलाकारों ने रामलीला का जीवंत मंचन किया। राम-रावण युद्ध और लक्ष्मण-मेघनाद के बीच शक्ति प्रदर्शन से जुड़े दृश्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों के शानदार अभिनय की उपस्थित लोगों ने जमकर सराहना की।

‘अपने भीतर के रावण को समाप्त करने का लें संकल्प’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर छिपे अहंकार, क्रोध, लोभ और बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने का अवसर भी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में टीवी और मोबाइल संस्कृति के कारण समाज में कई तरह की बुराइयां बढ़ रही हैं, जिसका प्रभाव युवा पीढ़ी पर भी पड़ रहा है। ऐसे में बच्चों को भगवान श्रीराम के आदर्शों, सत्य, मर्यादा और संस्कारों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अपने अंदर के रावणत्व को समाप्त करना ही विजयादशमी के पर्व की वास्तविक सार्थकता है।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री रमशीला साहू ने भी अपने विचार रखे और उपस्थित लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।
कुथरेल के विकास के लिए कई घोषणाएं
दशहरा उत्सव के दौरान जनपद पंचायत दुर्ग के सभापति लोमश चन्द्राकर ने ग्राम कुथरेल के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें आबादी पारा नहर पुलिया के पास ओपन जिम की स्थापना, स्वच्छता व्यवस्था के लिए दो कचरा रिक्शा की खरीद और बालक मिडिल स्कूल में शौचालय निर्माण शामिल हैं।
इसके अलावा पारधी पारा में मोटर पंप एवं पानी की टंकी स्थापित करने, जलेंद्री तालाब के पास ओपन जिम बनाने और गांव के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर बैठने के लिए कुर्सियां लगाने की भी घोषणा की गई। इन घोषणाओं से ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और गांव के विकास को गति देने की उम्मीद जताई गई।
मेले और आतिशबाजी ने बांधा समां
कुथरेल का दशहरा उत्सव क्षेत्रवासियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। मेले में बच्चों के लिए लगाए गए झूले और चाट-पकौड़ी सहित विभिन्न दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही। शाम होते ही दशहरा मैदान में हुई शानदार और रंग-बिरंगी आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा। आतिशबाजी का नजारा देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे। कार्यक्रम के अंत में ग्राम सरपंच ने सभी अतिथियों और ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित
इस अवसर पर पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, जनपद पंचायत दुर्ग के सभापति लोमश चन्द्राकर, ग्राम पंचायत कुथरेल की सरपंच गीता गजपाल, उपसरपंच लोकनाथ साहू, सरपंच अंडा दिग्विजय सिन्हा सहित दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष पुष्पेन्द्र चन्द्राकर (विक्की), उपाध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र कुमार साहू, नरेन्द्र दास आदि मौजूद रहे।

