राममयगढ़ हुआ रायगढ़: राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन मैथिली ठाकुर ने दिया शानदार प्रस्तुति… डॉ कुमार विश्वास द्वारा “अपने-अपने राम” की प्रस्तुति; बालासोर ट्रैन हादसे के लिए रखा गया मौन

  • महोत्सव को लेकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हुए दो विश्व कीर्तिमान
  • प्रभु श्रीराम हमारे दिलों में बसे हैं: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
  • अरण्यकाण्ड पर सबसे ज्यादा समय तक मंचन का वर्ल्ड रिकार्ड
  • तीन दिनों तक 756 मिनट तक 17 दलों के 375 कलाकरों ने किया मंचन
  • तीन दिनों तक 10 हजार लोगों ने किया हनुमान चालीसा का किया पाठ
  • अरण्यकाण्ड पर आधारित प्रतियोगिता में कर्नाटक के दल को प्रथम, असम को द्वितीय और झारखंड के दल को तृतीय पुरस्कार

रायपुर। रायगढ़ के रामलीला मैदान में तीन दिवसीय ‘राष्ट्रीय रामायण महोत्सव’ का आज तीसरा और अंतिम दिन है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंच से सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम हमारे दिलों में हैं, हमारे जीवन में हैं। राम नाम का रस ही ऐसा है, जितना सुनिएगा, जितना मनन करिएगा, राम रस की प्यास उतनी बढ़ती जाती है। हमारे राम कौशल्या के राम, वनवासी राम, शबरी के राम, हमारे भांचा राम और हम सबके राम हैं। तीन दिनों तक चले इस महोत्सव में रायगढ़ राममयगढ़ हो गया। इस महोत्सव में नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। तीन दिनों तक पंडाल खचाखच भरा रहा। बड़ी संख्या में पड़ोसी राज्यों से भी इस महोत्सव में शामिल होने के लिए मेहमान आए। उन्होंने कहा कि इस दौरान जिससे भी मिले सभी दोहे और चौपाई गुनगुनाते मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महोत्सव का आयोजन राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के रूप में किया गया था, लेकिन कंबोडिया, इंडोनेशिया के रामायण दलों के आने से इसका स्वरूप अंतर्राष्ट्रीय हो गया। उन्होंने जूरी मेम्बरों के विचारों को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने कहा-हमने देश के विभिन्न हिस्सों में केवल भगवान श्रीराम के बाल्य-काल, रामलीला जैसे अध्यायों का मंचन देखा है। यह पहली बार है कि भगवान राम के अरण्यकाण्ड का मंचन देखने को मिल रहा है। श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पहली बार राष्ट्रीय रामायण महोत्सव का आयोजन किया, जो सफल रहा। इस आयोजन में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी लोगों को बधाई।

मैथिली ठाकुर की शानदार प्रस्तुति
मैथिली ठाकुर ने मिथिला के गीत सुनाए कि कैसे श्रीराम का सत्कार होता है वहां। मैथिली लोकगीतों से श्रीराम के मिथिला प्रवास का वर्णन किया। मुख्यमंत्री बघेल के मन मे भी यह सुनकर गहरे भाव आये और वे भी खड़े हो गए और तालियों से मैथिली और दल का हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने मैथिली ठाकुर को रामचरित मानस की प्रति एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर किया सम्मानित।

डॉ कुमार विश्वास द्वारा अपने-अपने राम कार्यक्रम की प्रस्तुति
डॉ कुमार विश्वास द्वारा अपने अपने राम कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जा रही है। उन्होंने कहा- पूरे भारत मे आज शोक का जो प्रसंग हुआ उन्हें प्रार्थना करता हूँ कि ईश्वर उन्हें अपने चरण में स्थान दें। आज माता जानकी के घर से आई एक बिटिया ने सुंदर गीत गाया। यहां 30 बरस से आ रहा हूँ। मुझे पहले पता नहीं था कि मेरे राम का यहां इतना अधिक प्रभाव है। मुख्यमंत्री का आभार है और उनका सौभाग्य है कि वे राम के लिए इतना सुंदर कार्य कर रहे हैं। मैं राम पर लिखूं मेरी हिम्मत नहीं है कुछ। तुलसी और वाल्मीकि ने छोड़ा नहीं है कुछ। लेकिन वतन की खाक से बाहर नहीं हूं मैं। वो राम जिसका नाम है जादू लिये हुए। और इस प्रकार राम का चरित्र है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समापन समारोह में कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ वनों से अच्छादित है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के दौरान इन्हीं जंगलों, नदियों और पहाड़ों के बीच से वन गमन किया। भगवान राम छत्तीसगढ़ के वनों, नदियों, पर्वतों को पार करते हुए आगे बढ़े। छत्तीसगढ़ वनाच्छादित प्रदेश है, जहां कल-कल बहती नदियां हैं, जिनके किनारे हमारी संस्कृति बसती है। हमने अपनी नदियों और प्रकृति को बचाने का संकल्प लिया है। इन्द्रावती और अरपा नदी के संरक्षण के लिए प्राधिकरण गठित किए गए हैं। महानदी, शिवनाथ नदियों के साथ आज केलो की महाआरती की गई। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमें सब कुछ देती है, इसको बचाएं। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश की सभी नदियों के संरक्षण के लिए अलग से प्राधिकरण गठित किया जाएगा।

बालासोर ट्रैन हादसे में जान गवाने वालों को दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सबसे पहले ओडिशा के बालासोर में हुए रेल हादसे में अपनी जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि लाभ-हानि, जीवन-मरण, यश-अपयश भगवान के हाथ में होता है, मनुष्य के नहीं। इस हादसे में जिन लोगों ने अपने परिवार को खोया है, भगवान उन्हें यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें, उन्हें अपने चरणों में श्री स्थान दें।

संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राष्ट्रीय रामायण महोत्सव में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रायगढ़ इस दौरान राममय रहा, ऐसा लगा हम अयोध्या में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और भगवान राम का ननिहाल है। उन्होंने वनवास का सबसे लम्बा समय छत्तीसगढ़ में गुजारा, भगवान राम का हमारा युगों-युगों से संबंध है।

दो वर्ल्ड रिकार्ड बने
राज्य के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय रामायण महोत्सव में पहला वर्ल्ड रिकार्ड अरण्य कांड पर सबसे ज्यादा समय तक, तीन दिनों तक लगातार 765 मिनट तक अरण्य कांड का मंचन करने पर बना। छत्तीसगढ़ सहित 13 राज्यों और दो विदेशी दलों के 17 दलों के 375 कलाकरों ने इसमें हिस्सा लिया। राज्य के संस्कृति विभाग को ‘मोस्ट स्टेज आर्टिस्ट परफार्मिंग ऑन अरण्यकाण्ड’ का रिकॉर्ड प्रदान किया गया। सबसे ज्यादा कलाकार और सबसे देर तक चलने वाले अरण्य कांड पर कार्यक्रम के लिए यह रिकार्ड बना। रायगढ़ जिला प्रशासन को भी 10 हजार से अधिक लोगों द्वारा सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए वर्ल्ड रिकार्ड प्रदान किया गया। छत्तीसगढ़ के संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन रायगढ़ को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

विजेता दलों को पुरस्कृत किया गया
राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के दौरान अरण्यकाण्ड पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कर्नाटक के दल को प्राप्त हुआ। दल प्रमुख को स्मृति चिन्ह, राजकीय गमछा, रामचरित मानस की प्रति और 5 लाख रूपए की राशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार असम के दल को मिला उन्हें तीन लाख रूपए की पुरस्कार राशि का चेक तथा स्मृति चिन्ह, राजकीय गमछा, रामचरित मानस की प्रति और तृतीय पुरस्कार झारखंड के दल को प्रदान किया गया, उन्हें दो लाख रूपए की राशि के चेक के साथ स्मृति चिन्ह, राजकीय गमछा, रामचरित मानस की प्रति प्रदान किया गया। रायगढ़ नगर निगम महापौर जानकी काटजू ने मुख्यमंत्री को गदा भेंट किया।

समापन समारोह में कंबोडिया, इंडोनेशिया सहित सभी राज्यों तथा जूरी मेम्बरों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, संसदीय सचिव चन्द्रदेव राय, विधायक प्रकाश नायक, विधायक लालजीत सिंह राठिया, विधायक राम कुमार यादव, विधायक चक्रधर सिंह, विधायक लालजीत सिंह राठिया सहित अनेक विधायक, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास, पूर्व सांसद नंदकुमार साय, पूर्व विधायक बोधराम कंवर, रायगढ़ नगर निगम महापौर जानकी काटजू तथा जिला पंचायत अध्यक्ष निराकार पटेल, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, कलेक्टर रायगढ़ तारन प्रकाश सिन्हा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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