नई दिल्ली। नक्सलियों के खात्मे के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डेडलाइन तय कर दी है. 31 मार्च 2026 तक उन्होंने देश को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प लिया है. इस संकल्प के बाद लगातार छत्तीसगढ़ समेत देश के सभी नक्सल प्रभावित इलाकों में जवानों द्वारा ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. इसके अलावा नक्सली लीडर सरेंडर भी कर रहे हैं. नक्सलवाद को लेकर लोकसभा में भी चर्चा हुई. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में वामपंथी उग्रवाद को लेकर बड़ी जानकारी दी. साथ ही नक्सलियों को खत्म करने में कितना खर्चा आ रहा है यह भी बताया.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में मार्च 2026 तक ‘लाल आतंक’ को खत्म करने का संकल्प दोहराते हुए नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा ढांचे को लेकर जरूरी आंकड़े पेश किए. उन्होंने बताया कि बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में करीब 31 हजार 867 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, जिसकी वजह से नक्सलवाद तेजी से खत्म होने की कगार पर पहुंच रहा है.

उन्होंने आगे बताया कि केंद्र सरकार की विशेष सहायता से नक्सल प्रभावित इलाकों में CAPF बटालियन भेजी गई है, जिसकी 574 कंपनीयां नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात हैं. साथ ही सड़क, शिक्षा और विकास के लिए 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि दी गई है.
