CG – टोकन सिस्टम, अन्नदाता परेशान: धान न बिकने और टोकन न मिलने से था नाराज किसान ने की सुसाइड की कोशिश, सांसद पहुंची अस्पताल

CG

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से बड़ी खबर आ रही है। धान न बिकने और टोकन न मिलने से नाराज किसान ने आत्महत्या करने की कोशिश की। किसान को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां उसका इलाज जारी है। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद कोरबा सांसद ने किसानों की दशा पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि, किसान घर में पड़ा रहा धान पर नहीं बेच पाया था। जिसकी वजह से उसने यह कदम उठाया है। किसान ने तीन एकड़ 75 डिसमिल जमीन पर 68 क्विंटल से अधिक धान उगाई थी, लेकिन टोकन प्राप्त करने में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। फोन न होने के कारण उनकी समस्या और बढ़ गई थी।

किसान अपनी धान बेचने के लिए बीते 3 दिनों से चॉइस सेंटर का चक्कर काट रहे थे, लेकिन उसे टोकन नहीं मिल रहा था। परिजनों ने बताया कि हर बार मोबाइल नंबर से संबंधित कुछ परेशानी बताई जा रही थी। परिजनों का कहना है कि, धान की फसल बाहर रखी थी ऐसे में किसान परेशान था। इसी टेंशन में आकर उसने अपना गला काटकर आत्महत्या की कोशिश की। किसान के गला काटकर सुसाइड करने की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया है।

घटना की जानकारी मिलते ही सांसद ज्योत्सना महंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने इसे बेहद दुखद बताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। सांसद ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में किसानों को ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि उनके दौरे के दौरान भी कई किसानों के टोकन न कटने और रकबा न मिलने जैसी समस्याएं सामने आईं।

सांसद महंत ने कहा, “जहां आदिवासी मुख्यमंत्री हैं, वहां आदिवासी किसान जहर खाने को मजबूर हो रहा है। गरीब आदमी जहर खाने को मजबूर है, और जब हमारे अन्नदाता खतरे में हैं, तो हम सुरक्षित नहीं हैं।” उन्होंने भाजपा सरकार के दावों को कागजी और धरातलीय रूप से विफल बताते हुए शासन को पूरी तरह फेल बताया।

Exit mobile version