दुर्ग। जिले के पाटन क्षेत्र में संचालित एक ईंट भट्ठा अब मासूम बच्चों की सेहत पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। स्कूल के पास चल रहे भट्ठे से निकलने वाले जहरीले धुएं के कारण करीब 20 स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और उल्टी जैसी शिकायतें होने लगीं, जिससे परिजनों में आक्रोश फैल गया।
यह पूरा मामला कौही गांव के शासकीय स्कूल का है। परिजनों का आरोप है कि ईंट भट्ठे से उठने वाला धुआं सीधे स्कूल परिसर तक पहुंच रहा है, जिससे बच्चों की हालत लगातार खराब हो रही है। हालात इतने बिगड़ गए कि नाराज बच्चों और अभिभावकों ने स्कूल में ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन किया।

सूचना मिलने पर बीईओ पाटन मौके पर पहुंचे और बच्चों व अभिभावकों से चर्चा कर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने फिलहाल गांव के समरसता भवन में अस्थायी रूप से कक्षाएं संचालित करने की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।
ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व और माइनिंग विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद ईंट निर्माण का कार्य बंद नहीं हुआ है। लोगों का आरोप है कि यह भट्ठा अब गांव के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है और बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

