CG – मंत्री की प्रेस कांफ्रेंस में झगड़ा: विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता के बीच कुर्सी को लेकर हुआ तू-तू मैं-मैं… पत्रकारों के सामने ही आपस में भिड़े दोनों… देखिए VIDEO

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज राहुल गांधी के मुद्दे पर कांग्रेस प्रेस कांफ्रेंस कर रही है। कांग्रेस की तरफ से अलग-अलग जिलों में अलग-अलग मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गयी है।कवर्धा में मंत्री मोहम्मद अकबर को जिम्मेदारी मिली है। पर उनके आने से पहले प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कांग्रेस की गुटबाजी भी नजर आई । मोहम्मद अकबर की प्रेस कांफ्रेंस के पहले कुर्सी के लिए पंडरिया विधायक ममता चंद्राकर और वरीष्ठ कांग्रेस नेता कन्हैया अग्रवाल में तू-तू-मैं-मै हो गयी। मीडिया और नेताओं की मौजूदगी में ही विधायक और नेता आपस में लड़ने लगे। झगड़ा बढ़ता देख जिलाध्यक्ष ने किसी तरह से मामले को शांत कराया।

विधायक ने व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल
दरअसल, दोनों के बीच कुर्सी को लेकर विवाद देखा गया। विधायक ममता चंद्राकर ने व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए तो कन्हैया अग्रवाल विधायक से भिड़ गए। वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह तीखे लहजों से दोनों एक-दूसरे को उंगली दिखाकर बात कर रहे हैं। कन्हैया अग्रवाल मंत्री मोहम्मद अकबर के करीबी नेता के तौर पर माने जाते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि मंत्री और विधायक की गुटबाजी अब सामने आ गई है।

कांग्रेस कमेटी के इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिले भर के कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद थे और सभी मंत्री मो. अकबर का इंतजार कर रहे थे। कुर्सी पर बैठने को लेकर नेताओं में जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई। देखते ही मंच पर ही नेताओं के बीच जमकर बहस बाजी हुई। पंडरिया के ममता चंद्राकर और क्रेडा के सदस्य कन्हैया अग्रवाल के बढ़ते मामले को देख कांग्रेस जिलाअध्यक्ष नीलकंठ चन्द्रवंशी ने मामले को शांत कराया। हालांकि मोहम्मद अकबर के आते ही मामला शांत हो गया।

इधर प्रेस कांफ्रेस के दौरान मंत्री मोहम्मद अकबर ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर प्रहार करने का काम भाजपा कर रही है। बोलने की आजादी पर प्रतिबंध लागाया जा रहाहै। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राहुल गांधी खुलकर बोलते हैं। अडानी के संबंधों के बारे में पूछते हैं, तो उन्हें बोलने से रोका जाता है। केंद्र सरकार की गलतियों को राहुल गांधी ने उजागर किया तो केंद्र सरकार ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी, घर खाली करने का नोटिस दे दिया।

बिलासपुर में राहुल गांधी के मुद्दे पर रविंद्र चौबे ने प्रेस कांफ्रेंस की. सीनियर मंत्री चौबे ने कहा कि इस देश मे बोलने की आजादी छीनी जा रही है। पार्लियामेंट में जब राहुल गांधी ने सवाल किए तो उनकी आवाज़ को दबाया गया। पहली बार ऐसा हुआ कि पार्लियामेंट के सारे माइक बन्द कर दिए गये। राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करते हुए उन्हें अपात्र घोषित किया। लेकिन किसी भी फैसले के बाद पक्षकार को अपनी बात रखने का मौका दिया जाता है। लोकसभा से राहुल जी की आवाज को नकारना चाहते है इसलिए राहुल गांधी पर कार्रवाई की गई है। अब तो हद हो गयी कि, उन्हें आवास खाली करने का नोटिस दे दिया गया।

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