बीएसपी स्क्रैप चोरी मामले में रायपुर पावर एंड स्टील के दो डायरेक्टर गिरफ्तार, अब तक 19 आरोपी पुलिस के शिकंजे में

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए चोरी का स्क्रैप खरीदकर औद्योगिक संस्थान में खपाने के आरोपों से जुड़े रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड, रसमड़ा के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद गर्ग और मोहित गर्ग के रूप में हुई है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पहले 17 गिरफ्तारियां, अब दो और आरोपी पकड़े गए

पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में दर्ज बीएसपी स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस इससे पहले 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। इनमें मुख्य आरोपी संजय सिंह, स्क्रैप कारोबारी एवं भाजपा नेता भास्कर मुदलियार समेत पांच आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आ चुके हैं। वहीं हिमांशु खंडेलवाल और गिरीश खंडेलवाल ने अग्रिम जमानत हासिल की है।

पुलिस की जांच में चोरी का स्क्रैप खरीदने और उसे औद्योगिक संस्थानों में खपाने की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे थे। अब जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों और गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के दोनों डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है।

ए.के. ट्रेडर्स से 90 लाख का स्क्रैप हुआ था बरामद

यह पूरा मामला 26 मई 2026 को सामने आया था। पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के अकलोरडीही खदान पारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स से पुलिस ने करीब 90 लाख रुपये कीमत का लोहे का स्क्रैप बरामद किया था। इसके अलावा पुलिस ने करीब 2 करोड़ रुपये कीमत के हाइवा, क्रेन समेत अन्य वाहनों को भी जब्त किया था।

जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को बीएसपी से चोरी किए गए स्क्रैप को विभिन्न औद्योगिक संस्थानों में खपाए जाने से संबंधित जानकारी और साक्ष्य मिले। पुलिस के मुताबिक, इसी क्रम में रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड, रसमड़ा स्थित औद्योगिक संस्थान में चोरी के स्क्रैप की खपत से संबंधित अहम जानकारी सामने आई।

जांच में खरीददारों की भूमिका पर फोकस

पुलिस के अनुसार, मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर विनोद गर्ग और मोहित गर्ग की भूमिका सामने आई। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बीएसपी से चोरी किया गया स्क्रैप किन माध्यमों से औद्योगिक संस्थानों तक पहुंचाया गया और इस पूरे नेटवर्क में अन्य किन लोगों की भूमिका रही है।

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