जांजगीर-चांपा। जिले में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक निजी कृषि केंद्र को सील कर दिया है। किसानों की लगातार शिकायतों के बाद कृषि विभाग के उप संचालक राकेश कुमार शर्मा स्वयं किसान बनकर यूरिया खरीदने पहुंचे और कालाबाजारी का खुलासा किया।
जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय के नेताजी चौक स्थित नानकचंद नंद किशोर कृषि केंद्र में किसानों को निर्धारित मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने की शिकायत मिल रही थी। शिकायत की सत्यता जांचने के लिए कृषि उपसंचालक ने अपना सरकारी वाहन और पहनावा बदलकर किसान के रूप में दुकान पहुंचकर तीन बोरी यूरिया खरीदी।
दुकान संचालक ने किसान का आधार कार्ड लेकर पॉस मशीन में एंट्री की और शासन द्वारा निर्धारित मूल्य 266 रुपये 50 पैसे प्रति बोरी दर्शाया, लेकिन बिल दिए बिना तीन बोरी यूरिया के बदले 2550 रुपये वसूल लिए। इस तरह एक बोरी यूरिया 850 रुपये में बेची गई। जैसे ही कालाबाजारी की पुष्टि हुई, उपसंचालक ने मौके पर कृषि विभाग की टीम को बुलाया। टीम ने दुकान और गोदाम की जांच की, जहां से 1400 से अधिक बोरी यूरिया, डीएपी समेत अन्य उर्वरक जब्त किए गए। इसके बाद कृषि केंद्र को सील कर दिया गया।

कृषि उपसंचालक राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि खरीफ सीजन में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। इसके बावजूद कुछ व्यापारी किसानों से निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूल रहे हैं। ऐसे मामलों में विभाग की ओर से छापामार कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि खाद की कालाबाजारी करते पाए जाने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले के खाद कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
कृषि विभाग की इस अनोखी कार्रवाई को किसानों ने सराहा है और उम्मीद जताई है कि इससे खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा तथा किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा।

