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भीषण हादसे में 13 की मौत: उफनती नर्मदा नदी में यात्रियों से भरी बस गिरी, 13 यात्रियों की मौत… अब तक 15 को बचाया गया, रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी… दुर्घटना की जांच के आदेश, 10 लाख के मुआवजे का ऐलान

भीषण हादसे में 13 की मौत: उफनती नर्मदा नदी में यात्रियों से भरी बस गिरी, 13 यात्रियों की मौत… अब तक 15 को बचाया गया, रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी… दुर्घटना की जांच के आदेश, 10 लाख के मुआवजे का ऐलान

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के धार में बड़े हादसे में 13 की मौत हो गई जबकि 15 को बचा लिया गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं। बस महाराष्ट्र की थी। बस पर से चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस नदी में जा गिरी। धार जिले के खलघाट पुल जो कि पुराना पुल बताया जा रहा है उस पर से यात्री बस नर्मदा नदी में गिर गई है।

महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने मृतक के परिजनों को 10-10 लाख का मुआवजा देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के लगातार संपर्क में वो हैं। यही नहीं महाराष्ट्र से एक प्रतिनिधि को मौके पर भेजा गया है।

बताया जा रहा है कि खलघाट में टू-लेन पुल पर एक वाहन को ओवरटेक करते समय बस बेकाबू हो गई। ड्राइवर ने संतुलन खो दिया और बस रेलिंग तोड़ते हुए नदी में जा गिरी। बस इंदौर से महाराष्ट्र के अमलनेर जा रही थी। इंदौर से घटनास्थल की दूरी करीब 90 किमी है।

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने हादसे पर दो बयान दिए। पहले उन्होंने 15 यात्रियों को जिंदा बाहर निकालने का दावा किया। इसके करीब दो घंटे बाद फिर गृहमंत्री ने बताया कि बस में 14 से 15 लोग ही सवार थे और किसी को भी बचाया नहीं जा सका। हालांकि, बस में कितने यात्री सवार थे? इसकी पुष्टि अब तक प्रशासन ने नहीं की है।

स्थानीय लोग आगे आए, शवों को निकाला
हादसे की जानकारी लगते ही खलघाट के स्थानीय लोगों ने सबसे पहले मदद की। जो फोटो और वीडियो सामने आए हैं, उनमें स्थानीय लोग शवों को खोजते दिखे। कुछ लोग अपनी नाव से शवों बाहर निकाल रहे थे। उधर, इंदौर और धार से NDRF की टीम मौके पर पहुंच गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना पर दुख जताया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए सहायता देने की घोषणा की है। घायलों को 50 हजार रुपए की मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। महाराष्ट्र की बस होने की वजह से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को घटना की जानकारी दी।

हादसे में इन्होंने गंवाई जान
हादसे में जान गंवाने वाले 11 लोगों की पहचान हो गई है। तीन लोग राजस्थान, एक इंदौर (मध्यप्रदेश) और बाकी महाराष्ट्र से हैं। शवों को धामनोद (धार, मध्यप्रदेश) के सरकारी अस्पताल में रखा गया है।

  • चेतन पिता राम गोपाल जांगिड़, नांगल कला गोविंदगढ़ (जयपुर – राजस्थान)
  • जगन्नाथ (70) पुत्र हेमराज जोशी, मल्हारगढ़ (उदयपुर – राजस्थान)
  • प्रकाश (40) पुत्र श्रवण चौधरी, शारदा कॉलोनी अमलनेर (जलगांव – महाराष्ट्र)
  • नीबाजी (60) पुत्र आनंदा पाटिल, निवासी पीलोदा अमलनेरगां (जलगांव – महाराष्ट्र)

  • कमला बाई (55) पत्नी नीबाजी पाटिल, पिलोदा अमलनेर (जलगांव – महाराष्ट्र)
  • चंद्रकांत (45) पुत्र एकनाथ पाटील, अमलनेर (जलगांव – महाराष्ट्र)
  • अरवा (27) पत्नी मुर्तजा बोरा, मूर्तिजापुर (अकोला – महाराष्ट्र)
  • सैफुद्दीन पुत्र अब्बास, नूरानी नगर (इंदौर – मध्यप्रदेश )

  • राजू पुत्र तुलसीराम मोर, रावतभाटा (चित्तौड़गढ़ – राजस्थान)
  • अविनाश पुत्र संजय परदेसी, पाटन सराय अमलनेर (जलगांव – महाराष्ट्र)
  • विशाल (33) पुत्र सतीश बहरे, विर्देल (धुले महाराष्ट्र)

दो जिलों की सीमा पर बना है पुल
हादसा आगरा-मुंबई (AB रोड) हाईवे पर हुआ। यह रोड इंदौर से महाराष्ट्र को जोड़ता है। जिस संजय सेतु पुल से बस गिरी, वो दो जिलों- धार और खरगोन की सीमा पर बना है। पुल का आधा हिस्सा खलघाट (धार) और आधा हिस्सा खलटाका (खरगोन) में है। खरगोन से भी कलेक्टर और SP भी मौके पर पहुंचे हैं।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जैसे ही इस घटना की सूचना मिली वैसे ही प्रशासन सक्रीय हो गया। कलेक्टर, एसपी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें बचाव के लिए तत्काल रवाना की। दुर्घटना के आधा घंटे के अंदर ही कलेक्टर घटना स्थल पर पहुंच गए थे। बस तो निकाल ली।

होटल मालिक बोला- चाय-नाश्ता करने रुके थे यात्री
बताया जाता है कि बस MH 40 N 9848 सुबह 9 से 9.15 बजे खलघाट से 12 किलोमीटर पहले दूधी बायपास किनारे एक होटल पर रुकी थी। होटल मालिक ने बताया कि यहां 12-15 यात्रियों ने चाय-नाश्ता किया। बाकी सवारी अंदर बैठी थी। अंदर कितनी सवारी यह तो पता नहीं, लेकिन बस में 30 से 35 सवारी होंगी।

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