CG – हॉस्टल वार्डन और स्कूल प्राचार्य के खिलाफ छात्रों ने खोला मोर्चा… 7 KM चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे स्टूडेंट्स… कलेक्टर ने तत्काल प्रिंसिपल और वार्डन को हटाया

हॉस्टल वार्डन और स्कूल प्राचार्य के खिलाफ छात्रों ने खोला मोर्चा

सरगुजा। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले के ग्राम घंघरी में बने एजुकेशन हब में पढ़ने वाले आवासीय एकलव्य विद्यालय के छात्र-छात्राएं अव्यवस्थाओं को लेकर शिकायत करने कलेक्ट्रेट कार्यालय 7 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे। दरअसल जिले के लिए बने एजुकेशन हब में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधाओं देने के लिए बनाया गया है। पर छात्रों ने हॉस्टल में अव्यवस्था, मनमानी और अधीक्षिका पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। जिस पर कलेक्टर विलास भोस्कर ने स्कूल प्रिंसिपल और हॉस्टल अधीक्षिका को तत्काल हटाने का आदेश दिया है।

जानकारी के मुताबिक, सीतापुर के पेटला के लिए स्वीकृत एकलव्य स्कूल का संचालन वर्तमान में अंबिकापुर से लगे घंघरी स्थित 500 बिस्तर के हॉस्टल में किया जा रहा है। स्कूल में कक्षा 6वीं से 9वीं तक छात्र पढ़ते हैं।

बच्चों के कलेक्टर से मिलकर समस्या बताने पैदल चलकर आने की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक टीम हरकत में आई। अधिकारियों ने बच्चों को समझाइश दी है कि वे कलेक्टर को स्कूल में बुला रहे हैं, लेकिन बच्चे पैदल ही कलेक्ट्रेट तक पहुंच गए। प्रशासनिक टीम उन्हें फॉलो करते हुए यहां पहुंची।

बच्चों ने कहा कि हॉस्टल में समय पर खाना नहीं मिलता और जो मिलता है वो घटिया क्वालिटी का दिया जाता है। बच्चों ने कहा कि उन्हें शिक्षक मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। स्कूल में ढंग से पढ़ाई भी नहीं होती। पानी और फर्नीचर की भी समस्या है। बच्चों ने मांग रखी कि प्रिंसिपल और हॉस्टल अधीक्षक को हटाया जाए, बच्चों को जून तक पेटला शिफ्ट किया जाएगा।

छात्राओं ने बताया कि उन्हें पीरियड के दौरान पर्याप्त पैड तक नहीं उपलब्ध कराया जाता है। अधीक्षिका उनसे अभद्र व्यवहार करती हैं और मानसिक रूप से प्रताड़ित करती हैं। स्कूल में गंदे पानी से खाना बनाया जाता है। परिजनों से बात भी नहीं करने देते। उन्हें गंवार बोलते हैं।

कलेक्टर ने बच्चों की समस्या सुनने के बाद प्रभारी प्राचार्य मनोज वर्मा और अधीक्षिका अनुप्रिया दुबे को हटाने का आदेश दिया है। कलेक्टर ने नए भवन की जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने कहा कि पेटला में भवन निर्माण पूरा होने वाला है। जून माह तक स्कूल शिफ्ट कर दिया जाएगा। इससे फर्नीचर और पानी की समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने बच्चों को समझाइश भी दी।

कलेक्टर विलास भोस्कर ने व्यवस्था सुधारने का निर्देश अजाक आयुक्त को दिया और बच्चों को वापस छोड़ने के लिए स्कूल बस की व्यवस्था कराई। स्कूल बस से सभी बच्चों को वापस घंघरी में संचालित एकलव्य स्कूल तक छोड़ा गया।

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