IIT भिलाई कैंपस से निगम ने नसबंदी के लिए उठाए 9 स्ट्रीट डॉग्स: वापस छोड़े 8… 4 की हो गई मौत; ठेका लेने वाले और ऑपरेशन करने वाले डॉ. ने क्या कहा? मेनका गांधी तक पहुंची शिकायत… लापता डॉग की तलाश में निगम!

भिलाई। भिलाई में स्ट्रीट डॉग्स नसबंदी अभियान में लापरवाही का मामला सामने आया है। दरहसल IIT भिलाई कैंपस में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी को लेकर आईआईटी मैनेजमेंट ने भिलाई नगर निगम से आग्रह किया था कि स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी करके इन्हें यहीं वापस छोड़ दिया जाए, ताकि इनके जनसंख्या पर कंट्रोल किया जा सके। इसके बाद 31 मई को निगम की टीम आई और कैंपस में घूम रहे 9 स्ट्रीट डॉग्स को पकड़कर अपने साथ ले नसबंदी के लिए ले गई। मिली जानकारी के अनुसार, नसबंदी के बाद इनमें से 8 कुत्तों को टीम वापस छोड़ तो गई, लेकिन इनमें से 4 कुत्ते मर गए। जबकि एक कुत्ता कहां गया, इसकी कोई जानकारी नहीं है।

दैनिक भास्कर में छपी एक खबर के अनुसार, IIT प्रबंधन ने उस कुत्ते के बारे में पूछा तो निगम इसका कोई जवाब नहीं दे पाया। अब मामला दिल्ली तक पहुंच गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पीपल्स फॉर एनिमल (PFA) की मुखिया मेनका गांधी ने इसकी पूरी जानकारी मांगी है। इसके बाद निगम के अफसरों में अफरा-तफरी मच गई और निगम का अमला अब उस लापता कुत्ते की तलाश में लग गया है। IIT भिलाई के रजिस्ट्रार विंग कमांडर डॉ. जयेश चंद्रा एस पाय ने बताया कि, कुत्तों के मरने की शिकायत जिला प्रशासन, पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनीमल्स (पेटा), पीपल्स फॉर एनिमल (PFA) और एनीमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया में की गई है।

मिली जानकारी के अनुसार नगर निगम भिलाई ने कुत्तों की नसंबदी का ठेका डॉ. धर्मवीर चंद्राकर को दिया था। उन्होंने इस काम के लिए डॉ. हेमंत बेलचंदन को नियुक्त किया है जो कुत्तों की नसबंदी करते थे। 31 मई को ठेका खत्म होने वाला था, इसलिए 31 मई की शाम ही इन कुत्तों को नसबंदी के बाद आईआईटी कैंपस में छोड़ दिया गया। बल्कि नियम के अनुसार कुत्तों को नसबंदी के बाद दो से तीन दिन आब्जर्वेशन में रखा जाता है, क्योंकि इन्फेक्शन फैलने का खतरा रहता है। निगम की टीम जब नसबंदी के बाद जब आठ कुत्तों को लेकर आईआईटी कैंपस पहुंची तो उनमें से चार पहले ही मरणासन्न अवस्था में थे।

इस मामले में अखबार में छपी खबर के अनुसार, डॉ. धर्मवीर चंद्राकर ने कहा कि, नसबंदी के बाद कुछ कुत्तों की मौत होने की जानकारी मिली है। इसके बाद हमने प्राथमिक जांच करवाई है और नसबंदी करने वाले डॉ. हेमंत बेलचंदन को सस्पेंड कर दिया है। एक कुत्ता भाग गया था। उसकी तलाश की जा रही है। वहीं ऑपरेशन करने वाले डॉ. हेमंत बेलचंदन ने कहा कि, हमने कुत्तों की नसबंदी की थी। नसबंदी के बाद कुछ कुत्ते मर जाते हैं। नसबंदी के बाद कुत्तों की दो से तीन दिन देखभाल की जाती है। उसके बाद छोड़ा जाता है, लेकिन 31 मई को ठेका खत्म हो रहा था, इसलिए उसी दिन छोड़ दिया।

खबरें और भी हैं...
संबंधित

बलौदाबाजार में 30 से ज्यादा गायों की मौत से...

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के नगर पंचायत लवन में बड़ी संख्या में गायों की मौत की खबर से हड़कंप मच गया है। जानकारी...

धमतरी में दिनदहाड़े बड़ी चोरी : ICU से 16...

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी में चोरी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इस बार चोरों ने किसी दुकान या मकान के बजाय...

अहिवारा विधायक डोमन लाल कोरसेवाड़ा का निधन : हैदराबाद...

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की अहिवारा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक राजमहंत डोमन लाल कोरसेवाड़ा का निधन हो गया। करीब 73 वर्षीय कोरसेवाड़ा...

धमतरी में धर्मांतरण के आरोपों पर बवाल : हिंदू...

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में कथित धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आया है। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण के आरोप लगाते...