जल जीवन मिशन के नए संचालक डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने दुर्ग और राजनांदगांव में मिशन के कार्यों का किया निरीक्षण… बैठक में अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में सभी कार्यों को पूर्ण करने के दिए निर्देश

रायपुर। जल जीवन मिशन के नए संचालक डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज दुर्ग और राजनांदगांव जिले का दौरा कर मिशन के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों जिलों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंताओं, सहायक अभियंताओं और उप अभियंताओं की बैठक लेकर प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने लोगों को स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों को अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड का नियमित दौरा कर कार्यों के सतत निरीक्षण के साथ ही जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पेयजल की निर्बाध आपूर्ति के लिए ग्राम पंचायतों से समन्वय बनाने तथा उन्हें जरूरी मार्गदर्शन प्रदान करने को कहा।

जल जीवन मिशन के संचालक डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज दुर्ग जिले में अंजोरा ढाबा मल्टी-विलेज योजना के अंतर्गत ग्राम अंजोरा में संचालित कार्यों का निरीक्षण किया। अंजोरा में रेट्रोफिटिंग योजना क्रियान्वित की गई है, जिसके तहत 356 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से जल प्रदाय किया जा रहा है। उन्होंने घरेलू नल कनेक्शन के लिए निर्मित प्लेटफॉर्म का अवलोकन कर उसकी गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। डॉ. भुरे ने जल आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों से चर्चा भी की। गांववालों ने उन्हें बताया कि पेयजल योजना का संचालन ग्राम पंचायत द्वारा किया जा रहा है। जल कर के रूप में हर महीने प्रति परिवार 50 रुपए का शुल्क लिया जा रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से पाइपलाइन से घर तक नल का पानी पहुंच रहा है। इससे पेयजल और अन्य कार्यों के लिए रोज जल संचय करने में लगने वाले समय की बचत हो रही है। घर में नल लगने से महिलाओं को काफी सहुलियत हो रही है। डॉ. भुरे ने बरसात में पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने स्थानीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

मिशन संचालक डॉ. भुरे ने राजनांदगांव जिले के ग्राम सांकरा में भी रेट्रोफिटिंग योजना का निरीक्षण किया। यह पूर्व से संचालित धीरी समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत आता है। जल शुद्धिकरण संयंत्र के माध्यम से सांकरा के 652 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन द्वारा शुद्ध पेयजल प्रदान किया जा रहा है। योजना का संचालन एवं संधारण ग्राम पंचायत द्वारा किया जा रहा है। जल कर के रूप में ग्राम पंचायत द्वारा प्रत्येक परिवार से हर माह 50 रुपए का शुल्क लिया जा रहा है। मिशन संचालक द्वारा दोनों जिलों में कार्यों के निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता सहित सभी मैदानी अधिकारी मौजूद थे।

खबरें और भी हैं...
संबंधित

बहुमंजिला भवनों, कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था का होगा...

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बहुमंजिला आवासीय परिसरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों, होटलों तथा अन्य सार्वजनिक...

अपेक्स बैंक में 18.13 करोड़ का गबन : तीन...

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) की बरमकेला शाखा में 18.13 करोड़ रुपये के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। बैंक...

स्टेट GST विभाग की बड़ी कार्रवाई : राजनांदगांव में...

रायपुर। राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी), छत्तीसगढ़ द्वारा कर चोरी एवं फर्जी बिलिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई...

छत्तीसगढ़ में 10 ट्रेनें रद्द, 5 दिनों तक कई...

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में निपनिया-भाटापारा सेक्शन में अंडरब्रिज निर्माण कार्य...