भिलाई। इन्वेस्टमेंट प्लान के नाम पर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने धारा 420,34 के तहत जुर्म दर्ज किया है। भिलाई नगर पुलिस ने बताया कि क्वार्टर नं. 83 ए अनुष्ठा रेसीडेंसी जुनवानी भिलाई निवासी बीएसपी से वरिष्ठ प्रबंधक पद( स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) दुलार सिंह ने शिकायत में बताया है कि, जनवरी 2014 को मनीषा शर्मा ने स्वयं को रिजर्व बैंक आफ इंडिया नई दिल्ली का अधिकारी बताकर इन्वेस्टमेंट प्लान की जानकारी दी थी।

जिसमे प्रथम किश्त 21, 500 रुपए जमा कर बाद मे अन्य प्लान मे मई 2021 तक उनके बताये हुए विभिन्न खाते मे अलग-अलग योजनाओं के लिये तकरीबन 1,22,16,069 रुपये जमा किया। लेकिन मिच्योरिटी दिनांक के बाद भी रकम वापस नहीं किया गया। परेशान होकर घटना की शिकायत पुलिस से की।

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जनवरी 2014 से उसके बताए अनुसार अपनी सेविंग के रुपये निवेश करना शुरू किया। मई 2016 मे भिलाई इस्पात संयंत्र मे वरिष्ठ प्रबंधक पद से पश्चात मिली राशि लगभग रुपये 90 लाख रुपए को भी निरंतर मई 2021 तक मनीष शर्मा के बताये विभिन्न अकाउंट मे निवेश करता रहा।


ऐसे किया ठगी
– सिंगल बीमा प्रीमियम रुपये 25 लाख 48 हज़ार 300 रुपये
– दो वर्ष के लिये निवेश प्लान 5 लाख 40, हज़ार
– गांव की जमीन मे मोबाईल टावर लगाने के लिए 5 लाख 46, हज़ार 180 रुपये
– टावर इंस्टालेशन कैंसिल के लिए 1 लाख 91 हज़ार 589 रुपये

– एक वर्षीय निवेश प्लान रुपये 79 लाख ,18 हज़ार रुपये
– सभी निवेश के मेच्युरिटी अमाउंट वापसी के लिये डाक्युमेंट के रि वेरीफिकेशन के लिए 4 लाख 72, हज़ार रुपये की धोखाधड़ी की गई
– कुल 1 करोड़ 22 लाख 16 हज़ार 69 रुपये लेकर धोखाधड़ी किया है।
– सभी निवेश की राशि (मेचुरिटी अमाउंट) 25 जुन 2021 तक पीड़ित को मिलना था। लेकिन आज तक नही मिले।





