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कुरुद (धमतरी) | छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है। कुरुद ब्लॉक के दहदहा गांव स्थित शासकीय माध्यमिक शाला के 35 छात्र-छात्राओं ने ब्लेड, पिन और कांटों से अपने हाथों को चोटिल कर लिया है। घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में डॉक्टरों की टीम स्कूल भेजी गई है।

कैसे हुआ खुलासा?
स्कूल प्रबंधन को अचानक कक्षा 6वीं से 8वीं तक के कई बच्चों के हाथों पर गहरे निशान, कटे-फटे जख्म और खून के धब्बे दिखाई दिए। जब बारीकी से जांच की गई, तो पता चला कि यह किसी एक बच्चे की हरकत नहीं, बल्कि 35 बच्चों ने सामूहिक रूप से इस घटना को अंजाम दिया है।
- प्रारंभिक कारण: कुछ बच्चों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने एक-दूसरे को देखकर ऐसा किया। इसे एक तरह का ‘मास हिस्टीरिया’ या ‘पीयर प्रेशर’ माना जा रहा है।
- स्कूल बनाम घर: प्राचार्य पुनीत राम साहू का कहना है कि बच्चों ने इस घटना को अपने घरों में अंजाम दिया, जबकि अभिभावकों का आरोप है कि यह स्कूल की लापरवाही और सुरक्षा में चूक का परिणाम है।

प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं।
| अधिकारी/पक्ष | की गई कार्रवाई / वक्तव्य |
| कलेक्टर अबिनाश मिश्रा | एसडीएम (SDM) को जांच सौंपी गई है। उकसाने वाले (Instigator) पर कड़ी कार्रवाई होगी। |
| डॉक्टरों की टीम | स्कूल पहुंचकर बच्चों के जख्मों का उपचार किया और स्वास्थ्य परीक्षण किया। |
| काउंसलिंग | 16 फरवरी से बच्चों और अभिभावकों की मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की जा रही है। |
| स्कूल प्रबंधन | 13 फरवरी को मामला संज्ञान में आने के बाद उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया। |

जांच के घेरे में ‘मोटिवेशन’ और सोशल मीडिया
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जांच इस बिंदु पर केंद्रित है कि बच्चों को ऐसा करने के लिए किसने उकसाया या मोटिवेट किया। क्या यह किसी सोशल मीडिया चैलेंज का हिस्सा है या किसी बाहरी व्यक्ति ने उन्हें इंस्टिगेट किया, इसकी गहराई से पड़ताल की जा रही है।
विशेषज्ञों की राय: मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि किशोरावस्था में बच्चे अक्सर पहचान बनाने या समूह का हिस्सा दिखने के लिए खतरनाक कदम उठा लेते हैं। ऐसे में शिक्षकों और अभिभावकों के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है।

