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बिलासपुर। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की बिल्हा शाखा में हुए करोड़ों रुपये के बहुचर्चित गबन मामले में एन्टी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी सफलता हासिल की है। एसीबी की टीम ने बैंक की तत्कालीन कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कैशियर पर बैंक रिकॉर्ड में हेराफेरी कर 2,06,37,600 रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप है।

15 दिनों के भीतर डकारे 2 करोड़ से ज्यादा
मामले का खुलासा तब हुआ जब एसबीआई बिल्हा शाखा के प्रबंधक ने रायपुर मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि 19 दिसंबर 2024 से 2 जनवरी 2025 के बीच (महज 15 दिनों में) कैशियर और अन्य कर्मचारियों ने अपने पद का दुरुपयोग किया। आरोपियों ने बैंक के गोपनीय रिकॉर्ड और खातों में अवैध तरीके से छेड़छाड़ की, जिससे बैंक को 2.06 करोड़ रुपये की भारी आर्थिक क्षति हुई।
गोपनीय सूचना पर एसीबी की घेराबंदी
एसीबी बिलासपुर की टीम लंबे समय से फरार आरोपी कैशियर की तलाश में जुटी थी। गुरुवार, 26 फरवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी तेजवथ थीरापतम्मा गोपनीय रूप से बिल्हा स्थित बैंक शाखा पहुंची हैं। सूचना मिलते ही एसीबी की टीम ने दबिश दी और उन्हें अभिरक्षा में ले लिया।

कड़ी पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
एसीबी के अधिकारियों ने आरोपी कैशियर से घंटों गहन पूछताछ की। पूछताछ में मिले साक्ष्यों और बैंक की विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। मोबाइल के डेटा से इस घोटाले में शामिल अन्य लोगों के राज खुलने की संभावना है।
कानूनी कार्रवाई और धाराएं
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है:
- अपराध क्रमांक: 03/2026
- धाराएं: 13(1)(A), 13(2) (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) व अन्य।
विशेष न्यायालय में पेशी
गिरफ्तार कैशियर को बिलासपुर के विशेष न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया जारी है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि इस घोटाले के तार अन्य कर्मचारियों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी विस्तृत विवेचना की जा रही है।

