वैश्विक संकट से संकट में MSME: BSP एंसिलरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से मांगी विशेष राहत

भिलाई नगर। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी युद्धों और वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता का सीधा असर अब स्थानीय उद्योगों पर दिखने लगा है। आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बुरी तरह प्रभावित होने के कारण सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए बीएसपी एंसिलरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रतन दासगुप्ता ने भारत सरकार के MSME मंत्रालय को पत्र लिखकर विशेष सहायता और राहत उपायों की मांग की है।

आपूर्ति ठप, बढ़ती कीमतें बनीं सिरदर्द

रतन दासगुप्ता ने एमएसएमई मंत्रालय के सचिव को भेजे पत्र में विस्तृत रूप से बताया कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण औद्योगिक गैसों, महत्वपूर्ण मिश्र धातु तत्वों (Alloys), इलेक्ट्रोड्स और अन्य आवश्यक कच्चे माल की उपलब्धता पर बुरा असर पड़ा है। इसके परिणामस्वरूप:

  • कच्चे माल की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।
  • माल की खरीद में अत्यधिक देरी और परिवहन संबंधी बाधाएं आ रही हैं।
  • वैश्विक सप्लाई चैन टूटने से उत्पादन और बिक्री दोनों प्रभावित हुए हैं।

रोजगार और अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा

दासगुप्ता ने जोर देकर कहा कि सूक्ष्म विनिर्माण उद्यम देश में जमीनी स्तर पर रोजगार सृजन के सबसे बड़े स्रोत हैं। ये बड़ी संख्या में कुशल और अर्ध-कुशल श्रमिकों को आजीविका प्रदान करते हैं। इनमें आने वाला कोई भी व्यवधान न केवल औद्योगिक उत्पादन को रोकता है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गर्त में धकेल सकता है।

एसोसिएशन ने सरकार के सामने रखीं ये प्रमुख मांगें:

बीएसपी एंसिलरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने कोर सेक्टर उद्योगों को आपूर्ति करने वाली इकाइयों को बचाने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

  1. अतिरिक्त समय सीमा: मौजूदा सप्लाई ऑर्डर्स को पूरा करने के लिए कम से कम 5 महीने का अतिरिक्त समय दिया जाए।
  2. जुर्माने से राहत: देरी से आपूर्ति होने पर लगने वाले LD (Liquidated Damages) या दंड को पूरी तरह माफ किया जाए या वापस लिया जाए।
  3. मूल्य संशोधन: कच्चे माल की कीमतों में आई असामान्य तेजी को देखते हुए पुराने अनुबंधों (Contracts) में मूल्य वृद्धि के प्रावधान की अनुमति दी जाए।
  4. बैंक ब्याज में छूट: उत्पादन प्रभावित होने के कारण उद्यमों को 6 से 9 महीने के लिए बैंक ब्याज में राहत प्रदान की जाए।

निष्कर्ष: अध्यक्ष रतन दासगुप्ता का कहना है कि सूक्ष्म विनिर्माण उद्यम भले ही आकार में छोटे हों, लेकिन वे औद्योगिक मूल्य श्रृंखला की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इस कठिन समय में केंद्र सरकार का सहयोग न केवल इन उद्योगों को बचाएगा, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था में स्थिरता भी सुनिश्चित करेगा।

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