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बीजापुर | 15 मार्च 2026 छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालूर क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ के एक पोर्टा केबिन (आवासीय संस्था) से जुड़ी तीन छात्राओं के गर्भवती होने की जानकारी के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि इनमें से दो छात्राएं नाबालिग हैं और तीनों करीब पांच माह की गर्भवती हैं।

स्वास्थ्य विभाग की जांच में हुआ खुलासा
सूत्रों के मुताबिक, यह मामला तब प्रकाश में आया जब स्वास्थ्य विभाग की नियमित जांच के दौरान इन छात्राओं की स्थिति का पता चला। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इनके नाम से गर्भवती महिलाओं के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य कार्ड भी जारी किए जाने की सूचना है। जैसे ही यह जानकारी स्थानीय स्तर पर फैली, मामला जिला प्रशासन तक पहुँच गया। दो छात्राओं के नाबालिग होने के कारण मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
प्रशासन का पक्ष: “वर्तमान में संस्था की छात्राएं नहीं”
मामले के तूल पकड़ने पर जिला प्रशासन ने प्रारंभिक स्पष्टीकरण जारी किया है। प्रशासन के अनुसार, संबंधित तीनों छात्राएं वर्तमान में पोर्टा केबिन की छात्राएं नहीं हैं, बल्कि वे पहले इस संस्था में पढ़ाई कर चुकी हैं।
वहीं, पोर्टा केबिन की अधीक्षिका ने भी इस पूरे मामले पर अनभिज्ञता जाहिर की है। उनका कहना है कि छात्राएं वर्तमान में संस्था का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए उनके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी।

खड़े हो रहे हैं गंभीर सवाल
प्रशासनिक सफाई के बावजूद इस घटना ने शिक्षा विभाग और आवासीय संस्थाओं की निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं:
- यदि छात्राएं पूर्व में संस्था में थीं, तो उनकी गतिविधियों और सुरक्षा को लेकर क्या मापदंड अपनाए गए थे?
- क्या संस्था छोड़ने के दौरान या उसके आसपास की परिस्थितियों की जांच की गई थी?
- स्थानीय स्तर पर छात्राओं की सुरक्षा और मॉनिटरिंग में कहाँ चूक हुई?

जांच जारी, जल्द जारी होगी प्रेस रिलीज
जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके और जिम्मेदारी तय की जा सके। प्रशासन ने संकेत दिया है कि जांच पूरी होते ही एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के माध्यम से पूरी स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

