रायपुर। राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस बार जालसाजों ने 62 वर्षीय महिला को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तारी का डर दिखाकर करीब पांच दिनों तक कथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। आरोपियों ने खुद को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) का अधिकारी बताकर महिला को अपने झांसे में लिया और आखिरकार उनसे 7 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। ठगी का अहसास होने के बाद पीड़िता ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
आधार नंबर से मनी लॉन्ड्रिंग का खाता खुलने की कही बात
मिली जानकारी के अनुसार, स्टेशन रोड नर्मदापारा निवासी रीता खन्ना (62) मशीनरी का व्यवसाय करती हैं। उनका एक बेटा अमेरिका और दूसरा देहरादून में रहता है। 7 अक्टूबर को उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम विक्रम सिंह बताते हुए खुद को महाराष्ट्र में NIA का अधिकारी बताया। जालसाज ने महिला से कहा कि उनके आधार नंबर का इस्तेमाल कर फर्जी बैंक खाता खोला गया है और उस खाते के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही है। आरोपियों ने कथित गिरफ्तारी वारंट दिखाकर उन्हें कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर भी दिखाया।
परिवार से लेकर बैंक और FD तक की जानकारी ली
महिला को दबाव में लेने के बाद ठगों ने उनके परिवार, संपत्ति, बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से जुड़ी जानकारियां हासिल कर लीं। इसके बाद गिरफ्तारी से बचाने और मामले में NOC जारी कराने के नाम पर रकम की मांग की गई। लगातार तीन दिन बैंक बंद होने के कारण महिला तत्काल रकम ट्रांसफर नहीं कर सकीं। इसी बीच 9 अक्टूबर को उन्होंने केनरा बैंक में अपनी FD तुड़वाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। बैंक बंद रहने के दौरान भी आरोपी लगातार फोन और व्हाट्सएप के जरिए महिला के संपर्क में रहे और उन्हें निर्देश देते रहे।
वीडियो कॉल पर भरवाया RTGS फॉर्म
12 अक्टूबर को ठगों ने महिला को रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। वीडियो कॉल के जरिए उनसे RTGS फॉर्म भरवाया गया और ‘महाकाली मेटल’ नाम के खाते की जानकारी उसमें दर्ज कराई गई। महिला ने बताए गए खाते में 7 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इतना ही नहीं, आरोपियों के कहने पर ट्रांजेक्शन की रसीद भी व्हाट्सएप पर भेज दी।
RBI का फर्जी सर्टिफिकेट भेजकर जीता भरोसा
महिला को पूरे मामले पर विश्वास दिलाने के लिए जालसाजों ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नाम से कथित सर्टिफिकेट भी भेजा। रकम ट्रांसफर होने के बाद जब महिला को वादा किया गया NOC नहीं मिला तो उन्हें शक हुआ। जांच करने पर उन्हें अपने साथ ठगी होने का अहसास हुआ। इसके बाद पीड़िता गंज थाने पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिस बैंक खाते में 7 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए हैं, उससे जुड़े लेन-देन और खाताधारक की जानकारी भी खंगाली जा रही है।

