दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के एक जवान को बंधक बनाकर मारपीट करने और जबरन स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर कराने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि करीब 11 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद जवान को कार में बैठाकर गोकुल नगर ले जाया गया था। हालांकि, जवान किसी तरह आरोपियों के कब्जे से भाग निकला और जंगल में छिपकर अपनी जान बचाई। मामले में पुलिस ने एक महिला और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार किया है।
नाश्ता कराने के बहाने कार में बैठाया
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित जवान विजय शील रायगढ़ स्थित छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की छठवीं बटालियन में पदस्थ है। बताया जा रहा है कि जवान ने हरजिंदर कौर नाम की महिला से करीब 11 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। आरोप है कि पिछले सात महीने से ब्याज की रकम को लेकर टालमटोल की जा रही थी। इसी लेनदेन के विवाद के बीच जवान दुर्ग पहुंचा था।
आरोप है कि नाश्ता कराने के बहाने जवान को कार में बैठाया गया और गोकुल नगर ले जाया गया। वहां उसके साथ मारपीट की गई और कथित तौर पर स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए।

जंगल में छिपकर बचाई जान
बताया जा रहा है कि जवान किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलने में कामयाब रहा। उसने जंगल में छिपकर अपनी जान बचाई और फोन के माध्यम से अपने यूनिट हेड को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद यूनिट हेड ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद दुर्ग पुलिस ने रातभर जवान की तलाश की। पुलिस को जवान गोकुल नगर के पास एक कॉलोनी के मकान में रखे जाने की जानकारी मिली। इसके बाद मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जवान की शिकायत पर अपराध दर्ज किया।
महिला और उसका ड्राइवर गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में हरजिंदर कौर (47) और उसके ड्राइवर कृष्ण कुमार सिन्हा (37) को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। मामले में लेनदेन, मारपीट और स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराने से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

