रायपुर। राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में नवरात्र के दौरान लगाए गए एक सूचना बोर्ड को लेकर विवाद गहरा गया है। बोर्ड पर लिखे कथित आपत्तिजनक शब्दों के विरोध में बुधवार को यादव समाज के लोगों ने पुरानी बस्ती थाने का घेराव किया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग मौके पर जुटे और जमकर नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की।
सूचना बोर्ड के शब्दों पर जताई आपत्ति
विवाद मंदिर परिसर में लगाए गए उस सूचना बोर्ड को लेकर है, जिसमें राउत समाज की महिलाओं को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। यादव समाज का आरोप है कि बोर्ड पर लिखे शब्द न सिर्फ समाज की महिलाओं का अपमान करते हैं, बल्कि इससे पूरे यादव समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। समाज की ओर से मांग की गई है कि मंदिर परिसर से ऐसे शब्दों वाले बोर्ड को तत्काल हटाया जाए और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पहले भी थाने पहुंचा था यादव समाज
इस मामले को लेकर यादव समाज के प्रतिनिधि इससे पहले 17 अक्टूबर को भी पुरानी बस्ती थाने पहुंचे थे। उस दौरान पुलिस को शिकायत सौंपकर सूचना बोर्ड पर लिखी भाषा पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। समाज ने इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए एफआईआर की मांग की थी।
देवेंद्र यादव ने भी जताई थी नाराजगी
मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ा। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए घटना पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने मंदिर परिसर में लगाए गए पोस्टर की भाषा को लेकर आपत्ति दर्ज कराते हुए प्रशासन से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
पीठाधीश नीरज सैनी के खिलाफ FIR
लगातार बढ़ते विरोध के बीच बुधवार को यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुधीर यादव के नेतृत्व में समाज के लोगों ने पुरानी बस्ती थाने का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने मामले में शीतला मंदिर के पीठाधीश नीरज सैनी के खिलाफ BNS की धारा 196(2) के तहत अपराध दर्ज किया है।

