छत्तीसगढ़ की जेलों में खाली पदों पर हाईकोर्ट सख्त : DG जेल से मांगा जवाब, पथर्रा ओपन जेल की सुरक्षा पर भी उठाए सवाल

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की जेलों में लंबे समय से खाली पड़े पदों और बेमेतरा जिले के पथर्रा गांव स्थित ओपन जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने डीजी जेल से शपथपत्र के जरिए यह स्पष्ट करने को कहा है कि जेल विभाग में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी। वहीं पथर्रा ओपन जेल की बाहरी सुरक्षा के लिए पुलिस बल कब तक उपलब्ध कराया जाएगा, इस पर डीजीपी से भी जवाब मांगा गया है।

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस केआर महापात्र की डिवीजन बेंच में हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जेल विभाग में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई।

पथर्रा में ओपन जेल की स्थापना, नियम भी लागू

पिछली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से दाखिल शपथपत्र में बताया गया था कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बेमेतरा के पथर्रा गांव में ओपन जेल शुरू करने की दिशा में कार्रवाई की गई है। सरकार के अनुसार 14 जुलाई 2026 को नोटिफिकेशन जारी कर ओपन जेल की स्थापना की गई, जबकि 13 अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़ ओपन जेल संचालन एवं प्रबंधन नियम, 2026 अधिसूचित किए गए। इन नियमों में पात्र कैदियों के चयन, उनकी पात्रता और स्थानांतरण की प्रक्रिया तय की गई है। नियम लागू होने के बाद पात्र बंदियों की पहचान कर उन्हें ओपन जेल में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की जानकारी सरकार ने दी है।

48 पदों के सृजन का प्रस्ताव

सरकार ने कोर्ट को बताया कि पथर्रा ओपन जेल के सुचारू संचालन के लिए कुल 48 पदों के सृजन और सीधी भर्ती की अनुमति का प्रस्ताव भेजा गया है। जेल अधीक्षक सहित जरूरी कर्मचारियों की पदस्थापना को लेकर भी शासन स्तर पर प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। ओपन जेल में रहने वाले कैदियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी संबंधित संस्थानों के साथ समन्वय किया जा रहा है।

सुरक्षा बल नहीं मिलने पर कोर्ट ने मांगा DGP से जवाब

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि पथर्रा ओपन जेल की बाहरी सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की एक कंपनी उपलब्ध कराने का अनुरोध डीजीपी से कई बार किया जा चुका है, लेकिन अभी तक सुरक्षा बल उपलब्ध नहीं हो पाया है। इस पर हाईकोर्ट ने डीजीपी से भी शपथपत्र के जरिए जवाब मांगा है कि ओपन जेल की सुरक्षा के लिए पुलिस बल कब तक उपलब्ध कराया जाएगा।

अगली सुनवाई 26 नवंबर को

हाईकोर्ट ने जेलों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया की धीमी गति पर सवाल उठाते हुए डीजी जेल से विस्तृत जानकारी मांगी है। कोर्ट अब यह भी देखेगा कि पथर्रा ओपन जेल के संचालन के लिए जरूरी कर्मचारियों और सुरक्षा बल की व्यवस्था कब तक पूरी होती है। मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है।

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