रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र भेजकर प्रदेश के साथ अपने पुराने संबंधों और अनुभवों को साझा किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, परंपराओं और यहां के लोगों के प्रति अपने लगाव का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन में काम करने के दौर से ही इस प्रदेश से उनका विशेष जुड़ाव रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में छत्तीसगढ़ की पहचान और यहां के बदलते हालात का जिक्र किया। खास तौर पर उन्होंने बस्तर में माओवाद के प्रभाव से बाहर निकलकर परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ने को गर्व का विषय बताया।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं से रहा है लगाव
प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में बताया कि उन्हें सरगुजा से लेकर बस्तर तक प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों को जानने और यहां की संस्कृति को करीब से समझने का अवसर मिला है। छत्तीसगढ़ की जनजातीय विरासत, लोक परंपराएं और सांस्कृतिक विविधता उनके अनुभवों का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा कि संगठन के दिनों में प्रदेश के विभिन्न इलाकों में लोगों के बीच रहने और उनसे जुड़ने के दौरान छत्तीसगढ़ के प्रति उनका विशेष लगाव बना।
बस्तर में बदलाव को बताया गर्व की बात
पत्र में प्रधानमंत्री ने बस्तर की बदलती तस्वीर पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक माओवाद की समस्या से प्रभावित रहा बस्तर अब बदलाव और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। यह परिवर्तन गर्व का विषय है।

