धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से सरकारी स्कूल की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां स्कूल की छुट्टी के बाद शिक्षकों ने विद्यालय में ताला लगा दिया, लेकिन पहली कक्षा की एक छात्रा कक्ष के अंदर ही बंद रह गई। देर शाम तक बच्ची के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद ग्रामीण स्कूल पहुंचे और ताला तोड़कर छात्रा को सुरक्षित बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार, घटना 10 जुलाई की बताई जा रही है। स्कूल की छुट्टी होने के बाद शिक्षक और स्टाफ विद्यालय बंद कर चले गए, लेकिन किसी ने यह सुनिश्चित नहीं किया कि सभी बच्चे स्कूल परिसर से बाहर निकल चुके हैं। इसी दौरान पहली कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा कमरे के अंदर ही रह गई और घंटों तक बंद रही।

जब रात होने तक बच्ची घर नहीं पहुंची तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। ग्रामीणों ने पूरे गांव में तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। संदेह होने पर ग्रामीण स्कूल पहुंचे, जहां कक्षा के अंदर से बच्ची के होने की जानकारी मिली। इसके बाद ग्रामीणों ने ताला तोड़कर उसे बाहर निकाला। बाहर आने पर छात्रा डरी-सहमी हुई थी।
घटना के बाद ग्रामीणों में विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी शिक्षकों और प्रधान पाठक की होती है। स्कूल बंद करने से पहले सभी कक्षाओं का निरीक्षण किया जाना चाहिए था, लेकिन इस गंभीर लापरवाही के कारण एक मासूम छात्रा घंटों तक कमरे में बंद रही। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय विद्यालय प्रबंधन सफाई कर्मचारियों पर दोष मढ़ने की कोशिश कर रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने जांच के लिए टीम गठित कर संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।

