रायपुर। आमानाका थाना क्षेत्र के टाटीबंध में युवक की कार से कुचलकर युवक की हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी भरत मंगनानी ने आखिरकार कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस की लगातार दबिश और बढ़ते दबाव के बीच आरोपी 18 अगस्त 2026 को न्यायालय पहुंचा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से आरोपी को पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
विवाद के बाद कार से कुचलने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 14 अगस्त को टाटीबंध इलाके में परमजीत रणगण्ही की कार की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इस मामले में आमानाका थाने में अपराध क्रमांक 264/2026 दर्ज किया गया। शिकायत के आधार पर BNS की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जानकारी के अनुसार, परमजीत की शादी की बातचीत शिखा साहू से चल रही थी। 14 अगस्त को शिखा अपने दोस्त भरत मंगनानी के साथ सफेद रंग की फॉक्सवैगन कार से टाटीबंध पहुंची थी। गुरुद्वारा के पास शिखा और परमजीत की मुलाकात हुई। इस दौरान भरत भी मौके पर मौजूद था।
बातचीत के दौरान परमजीत और भरत के बीच विवाद हो गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि विवाद के बाद भरत ने तेज रफ्तार कार परमजीत के ऊपर चढ़ा दी। कार की चपेट में आने से परमजीत गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे काफी रक्तस्राव हुआ।
मौके पर मौजूद लोगों ने घायल परमजीत को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी भरत कार लेकर मौके से फरार हो गया।
CCTV फुटेज से सामने आई घटना की कड़ियां
पुलिस की शुरुआती जांच में घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले गए। पुलिस के अनुसार, फुटेज में परमजीत को कार के बोनट पर चढ़े हुए देखा गया। कार कुछ दूरी तक चलती रही और इसके बाद परमजीत सड़क पर गिर गया। आरोप है कि इसके बाद कार उसके ऊपर चढ़ गई, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। तकनीकी माध्यमों से भी उसकी तलाश की जा रही थी।
पुलिस रिमांड पर आरोपी, पूछताछ जारी
लगातार पुलिस कार्रवाई के बीच भरत मंगनानी ने 18 अगस्त को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
फिलहाल पुलिस आरोपी से घटना की परिस्थितियों, विवाद और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।