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अतिक्रमण हटाने गई पुलिस पर हमला: पत्थरबाजी में SP समेत कई पुलिसवाले घायल; 2000 जवान मौके पर तैनात… 70 घरों पर चल रहा बुलडोजर… स्थानीय लोग बोले – निगम को हर महीने देते हैं टैक्स तो घर अवैध कैसे

अतिक्रमण हटाने गई पुलिस पर हमला: पत्थरबाजी में SP समेत कई पुलिसवाले घायल; 2000 जवान मौके पर तैनात… 70 घरों पर चल रहा बुलडोजर… स्थानीय लोग बोले – निगम को हर महीने देते हैं टैक्स तो घर अवैध कैसे

नई दिल्ली। बिहार के पटना से एक खबर सामने आ रही है कि यहाँ पुलिस की टीम पर हमला हुआ है। आपको बता दें की यह कोई पहला मामला नहीं कि अपराधियों ने पुलिस पर हमला किया हो पर इस बार अवैध निर्माण गिराने गई टीम पर लोगों ने हमला कर दिया।

इसमें कई पुलिस वाले बुरी तरह जख्मी हुए हैं। सिटी एसपी अमरीश राहुल भी इस हमले में घायल हुए हैं। दरअसल, पुलिस राजीव नगर में अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। इसके लिए 17 जेसीबी को लगाया गया है। लगभग 2000 पुलिस बल की तैनाती की गई है।

स्थानीय लोगों के विरोध के बाद भी पुलिस की कार्रवाई नहीं रुक रही है। पुलिस मकानों को ध्वस्त कर रही है। लोग अपने घरों की छत से दूसरे घरों को टूटते हुए देखे रहे हैं। मौके पर पटना डीएम भी पहुंच चुके हैं।

राजीव नगर थाना क्षेत्र के नेपाली नगर में 70 घरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में खासा रोष है। पुलिस को कहना है जब हम अतिक्रमण हटाने आएं तो स्थानीय लोगों ने हम पर हमला कर दिया गया। लोगों के अपने घरों की छत से हम पर पत्थर फेंकें।

इस दौरान हमारे कई पुलिस कर्मी घायल हो गए। हालत को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। नेपाली नगर में स्थिति फिलहाल तवनावपूर्ण है। बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है।

पटना डीएम चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि कार्रवाई जारी रहेगी। किसी कीमत पर जमीन को हम लोग अपने कब्जे में लेकर रहेंगे। डीएम ने बताया कि हमले में दो जवान और सीटी एसपी घायल हो गए हैं। 12 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है।

वीडियो और सीसीटीवी फुटेज से बाकी उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। डीएम ने कहा कि फिलहाल सिचुएशन पूरी तरह से कंट्रोल में है। काम अच्छे से हो रहा है। डीएम ने कहा कि लोगों को पहले ही जानकारी दे दी गई थी, लेकिन ये लोग नहीं माने।

राजीव नगर थाना के नेपाली नगर इलाके में पुलिस अवैध तरीके से बने 70 मकानों को तोड़ने के लिए पहुंची। पुलिस का कहना है कि ये सभी 70 घर हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर बनाए गए है। जो अवैध है। हमने पहले ही सभी संबंधित लोगों को नोटिस भेज दिया था। घर खाली करने का निर्देश दिया गया था।

वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि हम हर महीने नगर निगम को टैक्स देते है। ऐसे में हमारा मकान अवैध कैसे हुआ। हम बिजली, पानी कनेक्शन से लेकर सभी सरकारी सुविधाएं लेते हैं, तब हमारा मकान अवैध कैसे हो गया। लेकिन प्रशासन हमसे बात ही नहीं कर रहा और हमारे मकान को अवैध बताकर उसे तोड़ रहा है। हमने अपने मकान में जीवन भर की पूंजी लगा दी थी। ऐसे में प्रशासन के इस कदम ने हमें सड़क पर लाकर छोड़ दिया है।


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