बालोद। आड़ेझर गांव में लंबे समय से चले आ रहे पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। बोईरडीह जलाशय से गांव तक पानी पहुंचाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण महामाया माइंस जाने वाले मुख्य मार्ग पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम के कारण माइंस क्षेत्र में खनिज परिवहन प्रभावित रहा। महामाया, दुलकी और कलवर माइंस से आयरन ओर लेकर आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही पर भी इसका असर पड़ा।
पानी की मांग को लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि आड़ेझर में लंबे समय से पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। उनका मुख्य मांग है कि बोईरडीह जलाशय से पाइपलाइन के जरिए गांव तक पानी पहुंचाकर स्थायी पेयजल व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों के मुताबिक, 23 सितंबर को उन्होंने बीएसपी प्रबंधन और डौंडी एसडीएम को ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराया था। इसके बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया।
तहसीलदार और बीएसपी अधिकारियों ने की बातचीत
शनिवार दोपहर करीब 1 बजे तहसीलदार देवेंद्र नेताम और बीएसपी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन कर रहे ग्रामीणों से चर्चा की और उनकी मांगों की जानकारी ली। ग्रामीणों के अनुसार, तहसीलदार ने पेयजल समस्या को लेकर पीएचई विभाग से बातचीत करने और समाधान का प्रयास करने की बात कही। वहीं, ग्रामीणों का दावा है कि बीएसपी अधिकारियों ने तत्काल पानी उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई। अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा समय में माइंस संचालन के लिए भी पानी की जरूरत पूरी करना चुनौतीपूर्ण है।
खनन प्रभावित क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल
बीएसपी अधिकारियों ने यह भी बताया कि भविष्य में अन्य माइंस में उत्खनन शुरू होने की संभावना है। इसके चलते तत्काल ग्रामीणों के लिए अलग से पेयजल उपलब्ध कराना संभव नहीं होने की बात कही गई। इस जवाब के बाद ग्रामीणों की नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से खनन गतिविधियां संचालित हो रही हैं, लेकिन प्रभावित गांव के लोगों को आज भी पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है।
जनपद सदस्य ने आंदोलन को दिया समर्थन
पूर्व सरपंच भीखम भुआर्य ने कहा कि क्षेत्र से बड़े पैमाने पर लौह अयस्क निकाला जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने पेयजल के साथ सड़क, रोजगार और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों के समाधान की भी मांग उठाई। वहीं जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी भी शनिवार को धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी मांगों की जानकारी ली और आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए और प्रशासन व बीएसपी प्रबंधन को ग्रामीणों के साथ बैठकर समाधान निकालना चाहिए।
मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
धरना स्थल पर ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि खनन और परिवहन का काम लगातार जारी है, ऐसे में खनन प्रभावित गांवों में पेयजल जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता होनी चाहिए। ग्रामीणों की प्रमुख मांग बोईरडीह जलाशय से पाइपलाइन के जरिए आड़ेझर में नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू करना है। ग्रामीणों का दावा है कि जलाशय से पानी मिलने पर गांव के पेयजल संकट का स्थायी समाधान हो सकता है। फिलहाल चक्काजाम और अनिश्चितकालीन आंदोलन के चलते माइंस क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था प्रभावित है।
