बस्तर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय गहरे अवदाब के असर से छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम की बिगड़ती स्थिति और विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए बस्तर जिले में 24 सितंबर को सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
मौसम सिस्टम का दिख रहा असर
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। दक्षिणी जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। बस्तर में लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
सुकमा में लगातार बारिश, जनजीवन प्रभावित
दक्षिण छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में भी लगातार बारिश का असर दिखाई दे रहा है। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण सुकमा और तेलंगाना सीमा से लगे क्षेत्रों में भी जनजीवन प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। जगरगुंडा, पूवर्ती और आसपास के गांवों में बारिश का असर देखने को मिल रहा है।
त्रैमासिक परीक्षाएं भी स्थगित
बस्तर जिले में स्कूलों की छुट्टी के साथ 24 सितंबर को प्रस्तावित त्रैमासिक परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार परीक्षा अब निर्धारित त्रैमासिक परीक्षा कार्यक्रम पूरा होने के बाद अगले शाला दिवस में कराई जाएगी।
प्रशासन ने जारी की सावधानी की अपील
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। तेज बारिश के दौरान नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

