भिलाई। रोबोट की रफ्तार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से समस्याओं के समाधान की कोशिश, साइबर सुरक्षा की चुनौतियां और मोबाइल गेमिंग का रोमांच… रूंगटा इंटरनेशनल स्किल्स यूनिवर्सिटी में बुधवार को शुरू हुए टेकफेस्ट के पहले दिन तकनीक और प्रतिभा का शानदार संगम देखने को मिला। विद्यार्थियों ने अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर न केवल अपने तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि टीमवर्क, तार्किक क्षमता और रचनात्मक सोच भी दिखाई।
टेकफेस्ट का शुभारंभ यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति संतोष रुंगटा, कुलपति डॉ. जवाहर सूरीशेट्टी, प्रो चांसलर डॉ. सौरभ रुंगटा और सीईओ सोनल ने रंगीन गुब्बारे उड़ाकर किया। इसके बाद अलग-अलग विद्यार्थी क्लबों की ओर से आयोजित प्रतियोगिताओं का दौर शुरू हुआ।
रोबो रेस में 150 से ज्यादा विद्यार्थियों ने आजमाया हुनर
टेकफेस्ट के प्रमुख आकर्षणों में रोबो रेस शामिल रही। इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्लब की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में 150 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को अपने रोबोट को सी-सॉ, अलग-अलग बाधाओं, घुमावदार रास्तों, पुल और सुरंग जैसे ट्रैक से निकालना था। प्रतियोगिता में केवल रोबोट की गति ही नहीं, बल्कि उसका संतुलन और सटीक नियंत्रण भी चुनौती बना रहा। विद्यार्थियों ने तकनीकी समझ और रणनीति का इस्तेमाल करते हुए बाधाओं को पार करने की कोशिश की।
AI हैकाथॉन में स्वास्थ्य से खेती तक समाधान तलाशे
हगिंग फेस AI/ML क्लब की ओर से छह घंटे का हैकाथॉन ‘स्पेस रीमिक्स जैम’ आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यावरण और स्मार्ट सिटी जैसी वास्तविक समस्याओं के लिए तकनीकी समाधान तैयार किए। प्रतिभागियों ने किसानों के लिए हिंदी में वॉयस कमांड से काम करने वाले चैटबॉट और पौधों में बीमारी की पहचान करने वाली तकनीक जैसे प्रोजेक्ट पर काम किया। इस प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों को AI और मशीन लर्निंग के व्यावहारिक इस्तेमाल का अवसर मिला।
साइबर सिक्योरिटी से कोडिंग तक लगीं चुनौतियां
साइबर सुरक्षा में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए रूंगटा साइबर क्लब ने फिशिंग और OSINT आधारित चुनौती आयोजित की। प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा से जुड़े सवालों और व्यावहारिक टास्क को हल करना था। प्रतियोगिता के दौरान लाइव लीडरबोर्ड के जरिए प्रतिभागियों के स्कोर भी प्रदर्शित किए गए।वहीं, GitHub क्लब की ‘Git Speed Round’ और ‘Bug Bash’ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को कोड में मौजूद गलतियां ढूंढकर उन्हें ठीक करने की चुनौती दी गई। Microsoft Campus Club ने कम कोडिंग के जरिए डिजिटल समाधान तैयार करने की तकनीक से विद्यार्थियों को परिचित कराया और टेक क्विज भी आयोजित किया।
पुल और खदान के मॉडल ने दिखाया इंजीनियरिंग कौशल
इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए भी टेकफेस्ट में कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। सिविल क्लब की ब्रिज बिल्डिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पुलों के मॉडल तैयार किए और उनकी मजबूती व संतुलन को परखा। वहीं, माइनिंग क्लब की प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने खदानों के मॉडल तैयार कर अपनी रचनात्मकता और तकनीकी समझ का प्रदर्शन किया। फॉरेंसिक जागरूकता पर आयोजित नुक्कड़ नाटक के जरिए अपराध की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया।
मॉक पार्लियामेंट में महिला सुरक्षा और शिक्षा पर बहस
टेकफेस्ट में तकनीकी गतिविधियों के साथ सामाजिक और बौद्धिक विषयों को भी जगह दी गई। साहित्यिक क्लब की मॉक पार्लियामेंट में महिला सुरक्षा और भारतीय शिक्षा व्यवस्था में रोजगार की तैयारी जैसे मुद्दों पर विद्यार्थियों ने पक्ष-विपक्ष में चर्चा की। एक्सटेम्पोर प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को विषय मिलने के बाद महज दो मिनट तैयारी का समय दिया गया और फिर दो मिनट में अपनी बात रखनी थी। ‘टेक रोस्ट बैटल’ में तकनीक और डिजिटल टूल्स को लेकर मजेदार बहस हुई। वहीं, ‘मल्टीवर्स 2.0’ में पांच-पांच विद्यार्थियों की टीमों को कोड तोड़ने, सुरागों के आधार पर अपराधी की पहचान करने और बिना सीधे छुए किसी वस्तु को बाहर निकालने जैसी चुनौतियां दी गईं।
BGMI और फ्री फायर में भी दिखा जबरदस्त उत्साह
टेकफेस्ट में गेमिंग के शौकीन विद्यार्थियों के लिए भी खास मुकाबले आयोजित किए गए। इन्फिनिटी ई-स्पोर्ट्स क्लब की BGMI प्रतियोगिता में 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जबकि फ्री फायर मुकाबले में 230 प्रतिभागी शामिल हुए। इन मुकाबलों में खिलाड़ियों को रणनीति, टीमवर्क और तेजी से निर्णय लेने की क्षमता का प्रदर्शन करना पड़ा। कुल मिलाकर टेकफेस्ट का पहला दिन तकनीक, नवाचार, गेमिंग, मनोरंजन और बौद्धिक चुनौतियों से भरपूर रहा। विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ व्यावहारिक तरीके से नई तकनीकों को समझने और टीम के साथ काम करने का भी अवसर मिला।

