कचरे के निपटान के लिए BSP की बड़ी कोशिश सफल: लैंडफिल सुविधा का डायरेक्टर इंचार्ज ने किया उद्घाटन…खतरनाक कचरे को किया जा रहा रिसाइकिल

भिलाई। विगत कुछ वर्षों में भिलाई स्टील प्लांट ने हरित प्रौद्योगिकियों को अपनाने और हरित प्रथाओं के क्रियान्वयन हेतु कई कदम उठाए हैं। बीएसपी यह मानता है कि व्यवसाय की सफलता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथ-साथ चलती है। पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति अपनी शानदार प्रतिबद्धता को दोहराने के लिए, बीएसपी ने अपने पर्यावरणीय प्रदर्शन में निरन्तर सुधार के लिए वर्षों से कई उपाय किए हैं। इन्हीं उपायों में शामिल हैं खतरनाक कचरे के निपटान हेतु सुरक्षित लैंडफिल सुविधा।


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने 23 अगस्त, 2022 को “जोखिमपूर्ण अपशिष्ट लैंडफिल सुविधा” का औपचारिक उद्घाटन संयंत्र के निदेशक प्रभारी अनिर्बान दासगुप्ता ने किया। इस दौरान बीएसपी के निदेशक प्रभारी अनिर्बान दासगुप्ता ने इस पर्यावरणीय प्रयास के पट्टिका का अनावरण किया।

इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) ए के भट्टा,कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) अंजनी कुमार, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं), एस मुखोपाध्याय, सीजीएम (परियोजनाएं), अशोक कुमार, सीजीएम (पर्यावरण), डीएल मोइत्रा, सीजीएम (परियोजनाएं), यू भारद्वाज, महाप्रबंधक (सीओसीसीडी) एस रायचौधरी और भिलाई इस्पात संयंत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और मैसर्स रामकी के अधिकारीगण उपस्थित थे।

इस अवसर पर अनिर्बान दासगुप्ता ने सुविधा के सफलतापूर्वक समापन के लिए परियोजना विभाग, पर्यावरण प्रबंधन विभाग और कोक ओवन एवं कोल केमिकल विभाग के प्रयासों की सराहना की। सुरक्षित लैंडफिल खतरनाक कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए बनाया गया है। वर्तमान में बीएसपी भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) द्वारा वर्ष 2016 में अधिसूचित नवीनतम खतरनाक अपशिष्ट (प्रबंधन और हैंडलिंग) नियमों के अनुसार अपनी प्रक्रियाओं में उत्पन्न सभी खतरनाक कचरे को रिसायकल करती है या उसे अधिकृत रिसाइकल करने वाली संस्थाओं को बेच रही है।

यह सुविधा कोक ओवन एवं कोल केमिकल विभाग और अन्य विभागों से उत्पन्न एसिड टार-स्लज और एस्बेस्टस कचरे के निपटान को पूर्ण करेगी। पॉली क्लोरो-बाय-फिनाइल डिस्पोजल फैसिलिटी से उत्पन्न कुछ खतरनाक अपशिष्ट, का भी एसएलएफ में निपटान किया जाएगा, जिसकी दिसंबर-2022 तक चालू होने की संभावना है।

इस लैंडफिल सुविधा को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशानिर्देशों के अनुसार बनाया गया है जिसमें उच्च घनत्व वाले पॉलीथीन (एचडीपीई) डबल लाइनर्स लैंडफिल के निचले भाग में रखे गए हैं, जो भूजल को दूषित करने वाले लीचेट को रोकने में मदद करते हैं। लैंडफिल डिजाइन को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड द्वारा भी अनुमोदित किया गया है।

अपशिष्ट के स्थिरीकरण और वायु और जल पर्यावरण की निगरानी के लिए परियोजना में परिकल्पित सभी अत्याधुनिक सुविधाएं इसमें लगाई गयी हैं। सुविधा की विशिष्टता यह है कि इसे स्लैग डंप यार्ड पर बनाया जा रहा है। यह बीएसपी को बहुमूल्य प्रथम प्रयुक्त भूमि को बचाने और एक उत्पादक उद्देश्य के लिए कचरे के ढेर का उपयोग करने में सक्षम करेगा। इसके प्रभावी कामकाज की जांच के लिए सुविधा का ट्रायल रन अक्टूबर-2021 से शुरू किया गया था और यह पाया गया कि सभी सुविधाएं संतोषजनक प्रदर्शन कर रही हैं।

इस सुविधा का निर्माण कार्य मेसर्स रामकी एनवायरो इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद द्वारा किया गया, जो भारत में सर्वोत्तम अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं को शुरू करने में अग्रणी है और भारत में और कई अन्य देशों में भी ऐसी कई सुविधाएं स्थापित की हैं।

यहां यह उल्लेखनीय है कि बीएसपी ने स्वच्छ और हरित प्रौद्योगिकियों की दिशा में अपने आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण कार्यक्रम के तहत पर्यावरण संरक्षण के लिए 1000 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश किया है। वर्तमान पहल से बीएसपी को वैश्विक सर्वोत्तम मानकों को प्राप्त करने में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।


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