रायपुर | 16 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ ने आज पूरी दुनिया में सामाजिक समरसता और महिला सशक्तिकरण की एक नई इबारत लिख दी है। ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह को ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में स्थान मिला है। एक ही दिन में 6,412 जोड़ों का विवाह संपन्न कराकर प्रदेश ने वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
साइंस कॉलेज मैदान बना ऐतिहासिक गवाह
राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आयोजित इस महा-उत्सव में खुशियों का सैलाब उमड़ पड़ा।
- कुल विवाह: प्रदेश भर में 6,412 जोड़ों ने दाम्पत्य जीवन में प्रवेश किया।
- प्रत्यक्ष विवाह: रायपुर के आयोजन स्थल पर 1,316 जोड़ों ने सात फेरे लिए।
- वर्चुअल जुड़ाव: शेष जोड़े विभिन्न जिलों से वर्चुअली इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बने।
सर्वधर्म समभाव की अनूठी मिसाल
इस आयोजन की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी विविधता रही। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज इस समारोह में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़ों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किए। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की साझा संस्कृति और आपसी भाईचारे का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा।
मुख्यमंत्री की घोषणा: बेटियों का विवाह अब चिंता नहीं
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के लिए सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का आधार बन गई है।
- सहायता राशि: योजना के तहत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
- संकल्प: मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर परिवार की खुशियों और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने जताया आभार
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में शुरू हुई यह योजना अब और भी व्यापक स्वरूप ले चुकी है। सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है।
