CG में जमकर बरसेंगे बादल: मानसून ने पकड़ी रफ़्तार… 4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

डेस्क। मानसून और एक साथ कई मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से छत्तीसगढ़ में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दो दिनों में भी प्रदेश में अच्छी बारिश के आसार है। खास करके बस्तर क्षेत्र में भारी बारिश के संकेत है। वहीं अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट का दौर भी जारी रहेगा।आज बुधवार को भी मौसम विभाग ने प्रदेश के दक्षिण और पश्चिमी हिस्से में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक राजनांदगांव, कांकेर, बीजापुर और नारायणपुर जिले के लिए अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा इन जिलों से लगे दूसरे अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

प्रदेश के कई जिलों में बीते तीन दिनों से बारिश हो रही है। ऐसे में आज भी कई जगह में बारिश के संकेत है। मंगलवार को राजधानी रायपुर में सुबह बादल छाए रहे लेकिन दोपहर में तेज धूप निकल गई जिससे लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। देर शाम फिर से बादल छाए रहे लेकिन तेज बारिश नहीं हुई।

मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिम छत्तीसगढ़ के जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
अब जानिए जिलों में कैसा रहेगा मौसम का हाल

रायपुर – राजधानी में बुधवार 50 फीसदी बादल छाए रहेंगे, कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

सरगुजा – जिले के अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

जशपुर – मौसम विभाग ने यहां भी हल्की से मध्यम बारिश के संकेत दिए हैं।

बलरामपुर – बलरामपुर में अब तक औसत सामान्य से कम बारिश हुई है। आज मौसम विभाग ने यहां बारिश की संभावना जताई है।

राजनांदगांव – जिले में मौसम विभाग ने खुद जगह पर भारी बारिश की चेतावनी दी है।

कबीरधाम – जहां मौसम परिवर्तन की संभावना है जिले में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

कांकेर – इस जिले में मौसम विभाग में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

बीजापुर – बस्तर संभाग के इस जिले में प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश अब तक रिकार्ड की गई है मौसम विभाग के मुताबिक आज भी यहां भारी बारिश के संकेत है।

मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर पश्चिमी छोर हिमालय की तराई में है और उसका पूर्वी छोर निजामाबाद, लखनऊ, सतना, रायपुर और उसके बाद दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में स्थित निम्न दाब के केंद्र तक है। एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी-तटीय दक्षिण उड़ीसा-तटीय उत्तर आंध्र प्रदेश के ऊपर है और यह 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़ की ओर जाने की प्रबल संभावना है।

एक द्रोणिका उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर से होते हुए एक चक्रवात से दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश तक उड़ीसा, छत्तीसगढ़ होते हुए 3.8 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है। प्रदेश मेृृृृृं अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। भारी बारिश का क्षेत्र मुख्यतः प्रदेश के दक्षिण-पश्चिम के जिलों में संभावित है।

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