रायपुर। राजधानी रायपुर के प्रसिद्ध तेलीबांधा चौक का नाम बदलकर “सेवा ज्योति संकल्प चौक” किए जाने के फैसले को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। कांग्रेस ने कहा है कि तेलीबांधा चौक की ऐतिहासिक पहचान को किसी भी कीमत पर बदलने नहीं दिया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के “सेवा संकल्प अभियान” के तहत रायपुर के तेलीबांधा चौक समेत प्रदेशभर के 38 स्थानों के नाम बदलकर “सेवा ज्योति संकल्प चौक” किए जाने का फैसला कांग्रेस को स्वीकार्य नहीं है।

100 साल से अधिक पुरानी है तेलीबांधा चौक की पहचान
सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया कि तेलीबांधा चौक का नाम 100 वर्षों से भी अधिक पुराना है और इससे छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक एवं सामाजिक पहचान जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक नाम को हटाकर राजनीतिक नामकरण करना प्रदेश की जनता और विशेष रूप से साहू समाज की भावनाओं के खिलाफ है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और विकास जैसे वास्तविक मुद्दों पर काम करने के बजाय स्थानों के नाम बदलने और प्रचार-प्रसार में ज्यादा ध्यान दे रही है।
‘तेलीबांधा’ नाम नहीं बदलने देंगे- कांग्रेस
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि तेलीबांधा चौक की मौजूदा पहचान को बदलने का प्रयास हुआ तो पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी। शुक्ला ने कहा कि तेलीबांधा तालाब और चौक से छत्तीसगढ़ के लोगों, खासकर साहू समाज की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि चौक का नाम बदलना ही है तो इसे भक्त माता कर्मा या तेलिन दाई के नाम पर किया जाना चाहिए।
कांग्रेस का BJP सरकार पर तीखा हमला
सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि “मोदी की चाटुकारिता” में सरकार छत्तीसगढ़ की पहचान और प्रदेश की विभूतियों से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत को खत्म करने में लगी है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक पहचान से जुड़े नामों में बदलाव किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कांग्रेस ने सरकार से तेलीबांधा चौक का नाम बदलने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

