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छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में पत्रकारिता विषय शामिल करने की उठी मांग: पत्रकारिता विश्वविद्यालय में रिक्त सहायक प्राध्यापक के स्थाई पदों पर भर्ती से लेकर कई मांग… संचार संघ ने शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को दिया आवेदन

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में पत्रकारिता विषय शामिल करने की उठी मांग: पत्रकारिता विश्वविद्यालय में रिक्त सहायक प्राध्यापक के स्थाई पदों पर भर्ती से लेकर कई मांग… संचार संघ ने शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को दिया आवेदन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता विषय को CGPSC सहायक प्राध्यापक की सूची में शामिल करने और जनसंपर्क पदों के भर्ती परीक्षा पाठ्यक्रम में जनसंपर्क विषय को शामिल करने की मांग उठी है। इस मांग को शासन के सामने पत्रकारिता और जनसंचार संघ ने रखी है। इस संबंध में संघ ने उच्च शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के समक्ष आवेदन भी प्रस्तुत किया है। आवेदक डॉ. योगेश वैष्णव ने भर्ती और CGPSC (छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग) के पाठ्यक्रम के संबंध में चार मुख्य बिंदुओं में अपनी बात रखी है।

आवेदन के अनुसार छत्तीसगढ़ के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय और संबद्ध शासकीय महाविद्यालयों में पत्रकारिता विषय का अध्यापन जारी है। लेकिन सहायक प्राध्यापक के स्थाई पद रिक्त होने से विद्यार्थी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लाभ से वंचित हैं। आवेदन में संविदा में अधूरी योग्यता के साथ अतिथि शिक्षक नियुक्त के मामला के बारें में भी जिक्र किया गया है। वहीं महाविद्यालयों के जनभागीदारी समिति द्वारा संचालित होने से पाठ्यक्रम का शुल्क ज्यादा है। साथ ही विभाग की स्थापना नहीं होने से विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षण-प्रशिक्षण से वंचित हैं। आवेदनकर्ताओं ने जनसंपर्क विभाग में भर्ती के लिए CGPSC द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम में जनसंपर्क का ही पाठ्यक्रम सम्मिलित नहीं होने की बात भी उठाई है।

पॉइंट्स में समझिये समिति की मांग :-

  • पात्र CGPSC के माध्यम से छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में पत्रकारिता विषय के लिए सहायक प्राध्यापकों की स्थाई पदों पर पदस्थापना।
  • CGPSC द्वारा जनसंपर्क (सहायक संचालक) के पदों पर भर्ती के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम में जनसंपर्क विषय के पाठ्यक्रम और विषयवस्तु को शामिल करना।
  • पत्रकारिता विषय में सेट (स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट) परीक्षा आयोजित करना।
  • कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय, रायपुर में 15 वर्षों से रिक्त सहायक प्राध्यापक के स्थाई पदों पर भर्ती करने की मांग शामिल है।

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