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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सराफा दुकानों में अब बुर्का या नकाब पहनकर प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह फैसला छत्तीसगढ़ सर्राफा एसोसिएशन की एक आपातकालीन बैठक में लिया गया, जहां लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं पर चर्चा हुई. एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने बताया कि बुर्के और नकाब की आड़ में चोरियां बढ़ रही हैं, जिससे दुकानदारों को भारी नुकसान हो रहा है.
पिछले कुछ महीनों में बिलासपुर और आसपास के इलाकों में कई सराफा दुकानों में चोरी की वारदातें दर्ज की गईं. इनमें से कई मामलों में अपराधी बुर्का या नकाब पहनकर दुकान में घुसते थे, जिससे उनकी पहचान मुश्किल हो जाती थी. पुलिस जांच में भी सीसीटीवी फुटेज से चेहरा छिपाने की वजह से अपराधियों को पकड़ना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ. एसोसिएशन की बैठक में सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से इस प्रतिबंध का समर्थन किया.
कमल सोनी ने कहा, “हमारी प्राथमिकता सुरक्षा है. यह फैसला किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि चोरी रोकने के लिए आवश्यक कदम है. दुकानदारों को अब ग्राहकों से चेहरा दिखाने का अनुरोध करना होगा.” यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है. एसोसिएशन ने सभी सदस्य दुकानों को निर्देश जारी किए कि वे दुकान के बाहर बोर्ड लगाएं, जिसमें बुर्का या नकाब में प्रवेश निषेध का उल्लेख हो. यदि कोई ग्राहक इसका पालन नहीं करता, तो उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाएगा.
सभी पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में हो रही घटनाओं की जानकारी साझा की और सुरक्षा को लेकर सुझाव दिए. प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने बैठक के बाद कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए सर्राफा व्यापारियों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है. उन्होंने सभी दुकानदारों से उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम, सेफ लॉक और अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाने की अपील की. साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और एसोसिएशन को देने का आग्रह किया.

