रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी पिता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले में विशेष लोक अभियोजक गोविंद नारायण दुबे ने अभियोजन की ओर से पैरवी की।
मामला कोतरारोड थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार पीड़िता की मां ने कोतरारोड थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि पारिवारिक विवाद के चलते वह अपनी सबसे छोटी बेटी को लेकर मायके चली गई थी, जबकि उसकी अन्य संतानें अपने पिता के साथ रह रही थीं।
इसी दौरान करीब 15 साल के बेटी के गर्भवती होने की जानकारी परिजनों को मिली। इसके बाद 8 मई 2025 को मां ने घर पहुंचकर बेटी से पूछताछ की। पीड़िता ने कथित तौर पर बताया कि उसके पिता ने उसे डराने-धमकाने के बाद उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई। पीड़िता के बयान के आधार पर उसकी मां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। घटना के बाद आरोपी घर से फरार हो गया था।

ढिमरापुर इलाके से आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कोतरारोड पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया और आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस को मुखबिर से आरोपी के ढिमरापुर क्षेत्र में होने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक कारावास
मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, पोक्सो न्यायालय, रायगढ़, देवेंद्र साहू की अदालत में हुई। प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन की दलीलों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया। न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास, अर्थात उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक कारावास की सजा सुनाई।