धमतरी। आयुर्सानिध्य क्लीनिकल एजुकेशनल एंड रिसर्च फाउंडेशन की ‘सेहत प्रथम’ परियोजना के तहत 24 और 25 अगस्त को नगरी विकासखंड के चार स्कूलों में विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से 800 से अधिक विद्यार्थियों को आयुर्वेद, स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति के प्रति जागरूक किया गया।
यह कार्यक्रम शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिहावा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांकरा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलरगांव और पीएम श्री गवर्नमेंट श्रृंगी ऋषि हायर सेकेंडरी स्कूल, नगरी में आयोजित हुआ।

बीमारी के इलाज से पहले स्वास्थ्य की समझ जरूरी
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वैद्य (डॉ.) प्रशांत साहू (BAMS), संस्थापक एवं अध्यक्ष, आयुर्सानिध्य क्लीनिकल एजुकेशनल एंड रिसर्च फाउंडेशन रहे। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि स्वास्थ्य को केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं रखना चाहिए। बीमारी से पहले ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सही जीवनशैली अपनाना जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को आयुर्वेद के सिद्धांतों के आधार पर दैनिक जीवन में स्वस्थ आदतें अपनाने, खान-पान को लेकर सजग रहने और आधुनिक जीवनशैली से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में ऑडियो-विजुअल प्रेजेंटेशन और डिजिटल माध्यमों का भी उपयोग किया गया, जिससे विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी विषयों को सरल और रोचक तरीके से समझाया जा सके।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी हुई चर्चा
‘सेहत प्रथम’ अभियान के दौरान विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को भी विशेष महत्व दिया गया। उन्हें मानसिक तनाव, भावनात्मक स्वास्थ्य और स्वस्थ मन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बदलती जीवनशैली के बीच मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।
नशामुक्ति को लेकर विद्यार्थियों को किया जागरूक
कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना भी रहा। ‘नशामुक्त भारत अभियान’ के तहत विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के शरीर पर पड़ने वाले दीर्घकालिक नुकसान और नशे की लत से होने वाले व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई।
इस दौरान धमतरी जिले में नशामुक्ति अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने के लिए जिला प्रशासन और कलेक्टर के प्रयासों की सराहना की गई। फाउंडेशन की ओर से कहा गया कि युवाओं को नशे से दूर रखने और जागरूक समाज के निर्माण में ऐसे अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन का मिला सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में विकासखंड शिक्षा अधिकारी नगरी के.आर. साहू का विशेष सहयोग रहा। इसके अलावा संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों और विद्यालय प्रबंधन ने भी कार्यक्रम के आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
फाउंडेशन के संस्थापक वैद्य (डॉ.) प्रशांत साहू ने बताया कि ‘सेहत प्रथम’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना नहीं, बल्कि कम उम्र से ही उनमें Preventive Health यानी बीमारी से पहले बचाव और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक सोच विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने खान-पान, दिनचर्या, मानसिक स्वास्थ्य और जीवनशैली को लेकर स्वयं जागरूक निर्णय ले सकें, यही इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। दो दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

