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भाटापारा। छत्तीसगढ़ की भाटापारा पुलिस ने आईपीएल (IPL) क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को ध्वस्त करने में सफलता हासिल की है। पुलिस की टीम ने छत्तीसगढ़ से लेकर हिमाचल प्रदेश तक दबिश देकर कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह “RUVIBET” पैनल के जरिए देशभर में अपना जाल फैलाए हुए था।

हिमाचल के सोलन से चल रहा था सट्टे का ‘कंट्रोल रूम’
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सट्टे का यह पूरा नेटवर्क हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के परवाणू स्थित एक किराए के मकान से संचालित हो रहा था। पुलिस ने जब वहां दबिश दी, तो आरोपी लैपटॉप और मोबाइल के जरिए सट्टे का हिसाब-किताब और ऑनलाइन गैंबलिंग करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए।

नौकरी के नाम पर फंसाते थे युवाओं को
गिरोह का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। ये लोग सोशल मीडिया (खासकर इंस्टाग्राम) पर ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ‘टेली मार्केटिंग’ की नौकरी का विज्ञापन देते थे। जब युवा इनसे संपर्क करते, तो उन्हें झांसा देकर सट्टा नेटवर्क और अवैध कारोबार का हिस्सा बना लिया जाता था।

जब्त सामान और तकनीकी नेटवर्क
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं, जिनकी कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी गई है।
- लैपटॉप: 07
- आईपैड: 02
- मोबाइल फोन: 48
- बैंक दस्तावेज: 30 से अधिक खातों की जानकारी और 9 एटीएम कार्ड।
- पैनल आईडी: गिरोह Branch-08, Branch-27 और Branch-35 लिंक के जरिए सट्टा चला रहा था।
कैसे खुला राज? (रेलवे स्टेशन से शुरू हुई जांच)
इस बड़े नेटवर्क का खुलासा भाटापारा रेलवे स्टेशन के पास हुई एक छोटी सी कार्रवाई से हुआ। पुलिस ने यहाँ अजय बत्रा नामक युवक को मोबाइल पर सट्टे का हिसाब करते पकड़ा था। उसके पास से ₹5780 नकद और सट्टे के स्क्रीनशॉट मिले। अजय के मोबाइल की तकनीकी जांच (साइबर सेल की मदद से) करने पर पुलिस हिमाचल प्रदेश के परवाणू तक पहुँच गई।
देशभर से जुड़े थे तार (गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल)
पुलिस की गिरफ्त में आए 16 आरोपी केवल छत्तीसगढ़ के नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों और विदेश से हैं:
- शामिल राज्य: पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़।
- अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन: पकड़े गए आरोपियों में नेपाल के नागरिक भी शामिल हैं।

पुलिस की अगली कार्रवाई
भाटापारा पुलिस ने सभी 16 आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है। अब पुलिस इस गिरोह के बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और मुख्य सरगना तक पहुँचने के लिए फंडिंग की गहराई से जांच कर रही है।
“यह एक हाई-टेक सट्टा नेटवर्क था जो युवाओं को गुमराह कर रहा था। हमने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हिमाचल में दबिश देकर इसे ध्वस्त किया है। बैंक खातों की जांच जारी है, जिससे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।” — पुलिस विभाग, भाटापारा

