जगदलपुर। बस्तर में विजयादशमी का पर्व इस बार सुरक्षा बलों के लिए खास मायने रखता नजर आया। जगदलपुर की पुलिस लाइन में दशहरे के अवसर पर नक्सल विरोधी अभियानों में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक हथियारों, उपकरणों और पुलिस वाहनों का शस्त्र पूजन किया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने बस्तर में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया।
अंदरूनी इलाकों में तैनात जवानों के हथियार भी पूजा में शामिल
पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के लिए नक्सल प्रभावित और अंदरूनी क्षेत्रों में तैनात जवानों के इस्तेमाल में आने वाले हथियारों को भी लाया गया था। इन हथियारों में वे आधुनिक शस्त्र शामिल रहे, जिनके सहारे जवान कठिन और चुनौतीपूर्ण इलाकों में नक्सल विरोधी अभियानों को अंजाम देते हैं। हथियारों के साथ पुलिस वाहनों की भी विधि-विधान से पूजा की गई। कार्यक्रम में बस्तर आईजी बद्रीनाथ मीणा, एसपी सलभ सिन्हा, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी और DRG के जवान मौजूद रहे।
चार दशक के संघर्ष के बाद बदला बस्तर का माहौल
विजयादशमी के मौके पर एसपी सलभ सिन्हा ने कहा कि बस्तर के लिए इस बार का दशहरा विशेष है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद ने क्षेत्र की शांति को प्रभावित किया और इस संघर्ष में बड़ी संख्या में जवानों और आम नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी। एसपी ने सुरक्षा बलों के जवानों के साहस और उनके लंबे संघर्ष को याद करते हुए कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। यही वजह है कि इस बार पुलिस के साथ आम जनता भी विजयादशमी का पर्व अलग उत्साह के साथ मना रही है।
हथियारों के साथ शांति का भी संकल्प
एसपी ने बताया कि नक्सल विरोधी अभियानों में उपयोग किए जाने वाले हथियारों और संसाधनों का दशहरे पर पूजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने बस्तर में शांति, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया।
