दुर्ग। राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को भारतीय लोकतंत्र का एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी पड़ाव बताया है। दुर्ग सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को उनका वास्तविक अधिकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिला है, जिससे अब महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं बल्कि नीति-निर्धारक की भूमिका में नजर आएंगी।

पिछली सरकारों पर साधा निशाना
सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि पूर्व की सरकारों और राजनीतिक दलों ने महिलाओं को केवल ‘वोट बैंक’ के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा:
“कई दल पहले भी यह विधेयक लाए, लेकिन किसी में इतनी हिम्मत नहीं थी कि इसे दोनों सदनों में पारित करा सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने इच्छाशक्ति दिखाते हुए न केवल इसे पटल पर रखा, बल्कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित कर उनके सम्मान को नई ऊंचाई दी।”

2029 से प्रभावी होगा आरक्षण
श्रीमती वर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री ने इस दिशा में ठोस कार्य किया है कि वर्ष 2029 तक यह बिल पूरी तरह प्रभावी हो जाए। आगामी समय में संशोधनों के साथ जब महिलाएं बड़ी संख्या में सदन में बैठेंगी, तो इससे देश की राजनीति में सकारात्मक और गुणात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि आज की महिलाएं सशक्त हैं और राष्ट्र निर्माण में कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं।

मिस्ड कॉल कर जताएं आभार
प्रेस वार्ता के दौरान सांसद ने महिलाओं से अपील की कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ऐतिहासिक कदम के लिए धन्यवाद ज्ञापित करें। इसके लिए उन्होंने एक विशेष नंबर साझा किया:
- धन्यवाद हेतु नंबर:
9667173333 - प्रक्रिया: इस नंबर पर मिस्ड कॉल कर महिलाएं अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर सकती हैं।
प्रेस वार्ता में ये रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में सांसद लक्ष्मी वर्मा के साथ मुख्य रूप से:
- अलका बाघमार (महापौर)
- कुमुद बघेल (महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री)
- तृप्ति चंद्राकर (महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष)
- डॉ. भारती साहू (जिला महामंत्री)
- विनीता तिवारी (गायत्री परिवार प्रमुख) एवं अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

