साय कैबिनेट के बड़े फैसले : 15 नवंबर से 3100 रुपए में धान खरीदी, सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज, 19 प्रस्तावों पर मुहर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी शुरू होगी और किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में धान खरीदी समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस सीजन में 27 लाख 50 हजार से अधिक किसानों से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जाएगा। वहीं सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था लागू करने का भी फैसला हुआ है।

धान खरीदी के लिए 360 नए केंद्र

धान बेचने वाले किसानों के लिए सरकार ने प्रक्रिया में कई बदलाव किए हैं। पिछले साल से एग्रीस्टेक आईडी के साथ पंजीकृत किसानों को दोबारा पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी। धान खरीदी बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर होगी। इसके साथ ही 360 नए उपार्जन केंद्र खोले जा रहे हैं। इन्हें मिलाकर प्रदेश में इस बार कुल 3100 उपार्जन केंद्रों के जरिए धान खरीदी की व्यवस्था रहेगी।

200 यूनिट तक बिजली बिल में राहत रहेगी जारी

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में मिल रही रियायत को जारी रखने का निर्णय लिया है। योजना के लिए 400 यूनिट तक मासिक खपत की पात्रता अवधि को बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दिया गया है। सरकार के मुताबिक इससे करीब 7.25 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलती रहेगी।

सरकारी कर्मचारियों और परिवार को कैशलेस इलाज

राज्य के शासकीय कर्मचारियों के लिए कैबिनेट ने बड़ा फैसला किया है। कर्मचारियों के साथ उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को भी सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इलाज के लिए पहले अपनी जेब से राशि देकर बाद में प्रतिपूर्ति कराने की प्रक्रिया से राहत मिलेगी। पूर्व-अनुमोदन और क्लेम की प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन के लिए 500 करोड़

कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026’ की गाइडलाइन को मंजूरी दी है। मिशन पांच वर्षों तक चलेगा और इसके लिए कुल 500 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। इसके जरिए सड़क नेटवर्क मास्टर प्लान, परियोजनाओं की DPR, GIS आधारित प्लानिंग, गुणवत्ता एवं सड़क सुरक्षा ऑडिट सहित अधोसंरचना से जुड़े काम किए जाएंगे।

पर्यटन पर भी 500 करोड़ खर्च करने की तैयारी

प्रदेश में पर्यटन को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन को मंजूरी दी गई है। पांच साल के इस मिशन में करीब 500 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है। पर्यटन स्थलों पर कनेक्टिविटी, बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा और स्वच्छता में सुधार के साथ होमस्टे और निजी निवेश को बढ़ावा देने की योजना है।

कूंरा नगर पंचायत अब कहलाएगी कुंवरगढ़

रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। सरकार के अनुसार कुंवरगढ़ छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक 36 गढ़ों में शामिल है और स्थानीय स्तर पर लंबे समय से पुरानी पहचान बहाल करने की मांग की जा रही थी।

295 किलोमीटर की नई रेल परियोजना को हरी झंडी

कैबिनेट ने कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के लिए शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश CRCL के माध्यम से करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 295 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 8 हजार करोड़ रुपए है। इससे रेल सुविधा से वंचित क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ उद्योग, पर्यटन और कृषि क्षेत्र को फायदा मिलने की उम्मीद है।

राजनांदगांव में 400 करोड़ का फ्रूट प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट

राजनांदगांव जिले के सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने को मंजूरी मिली है। परियोजना में करीब 400 करोड़ रुपए निवेश प्रस्तावित है। सरकार का अनुमान है कि इससे 1,000 से ज्यादा प्रत्यक्ष और 5,000 से ज्यादा अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

खेल प्रतिभाओं के लिए 100 करोड़ का मिशन

खिलाड़ियों की पहचान से लेकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को मंजूरी मिली है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 100 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। पहले चरण में अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर और जशपुर में फीडर सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा कैबिनेट ने राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 9 प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने की आगे की कार्रवाई, औद्योगिक विकास नीति में संशोधन, पांच सरकारी परिसंपत्तियों के पुनर्विकास, राजनांदगांव में भंडारण सुविधा के लिए भूमि आवंटन और औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियमों में बदलाव सहित कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है।

कृषक उन्नति योजना में बदलाव को दी मंजूरी

कैबिनेट ने कृषक उन्नति योजना में भी बदलाव को मंजूरी दी है। अब धान फसल पर आदान सहायता राशि प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के मान से देने का निर्णय लिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे फसल विविधीकरण और आधुनिक कृषि तकनीकों में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

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