JCCJ के अध्यक्ष अमित जोगी की पत्नी पर गलत कास्ट सर्टिफिकेट बनाने का आरोप: ऋचा जोगी ने दी कड़ी प्रतिक्रिया, कहा- “झूठे FIR को कोर्ट में दूंगी चुनौती…जोगी जन अधिकार यात्रा की घोषणा के बाद घबराई कांग्रेस सरकार”

पहले डॉ. साहब को हुआ था जोगेरिया अब मुख्यमंत्री भी हुए जोगेरिया से ग्रस्त- ऋचा जोगी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पुत्रवधु ऋचा जोगी के खिलाफ फ़र्ज़ी जाति प्रमाण पत्र पेश करने के मामले में शिकायत दर्ज हुआ है। आरोप लग रहा है की ऋचा ने खुद को अनुसूचित जनजाति की बताते हुए ऋचा ने यह जाति प्रमाण पत्र 2020 में मरवाही उपचुनाव के समय शासन के पास जमा कराया था। राज्य स्तरीय जाति छानबीन समिति ने ऋचा जोगी के खिलाफ मुंगेली के सिटी कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया है। इस मामले में ऋचा जोगी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी की पुत्रवधु और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे ) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी की धर्म पत्नी ऋचा जोगी ने अपने विरुद्ध दर्ज हुए एफआईआर के मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा जोगेरिया के लक्ष्ण एक बार फिर दिखने लगे हैं। चुनावी समर आते ही कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस के नेताओं को जोगेरिया हो जाता है। डॉ साहब को भी जोगेरिया हुआ था नतीजा, आज घर में बैठे हैं।

उन्होंने कहा जोगी जन अधिकार पदयात्रा के शुरू होने के बिल्कुल ठीक पहले मेरे विरुद्ध एफआईआर करना ये प्रमाणित करता है कि मुख्यमंत्री फिर एक बार जोगेरिया से ग्रसित हो गए हैं। उन्होंने कहा मेरी जाति का मामला न्यायालय में विचाराधीन है लेकिन उसके बाद भी बिना किसी कोर्ट आर्डर के, मेरे विरुद्ध अचानक एफआईआर करना मुझे ‘जोगी जन आधिकार पदयात्रा में भाग लेने से रोकने का प्रयास है। मैं जोगी जन अधिकार पदयात्रा की अकलतरा विधानसभा की पर्यवेक्षक हूँ। पदयात्रा की जोरशोर से हो रही तैयारी और मिल रहे जनसमर्थन से घबरा कर, मेरे विरुद्ध एफआईआर की गई है।

उन्होंने आगे कहा कि मैं इस गौरक़ानूनी एफआईआर को कोर्ट में चैलेंज करूंगी और दूषित मानसिकता वाले हमारे जोगेरिया ग्रसित विरोधियों को यह चेतावनी देती हूँ कि मैं अजीत जोगी की बहु ऋचा जोगी हूँ। आपकी इन तुच्छ हथकंडों से कतई घबराने वाली नही हूँ। माँ हूँ, मेरी हिम्मत का आप मुकाबला नही कर सकते। याद रखना। जोगी जन अधिकार पदयात्रा आपकी जड़ों को हिला देगी। याद रखना।

क्या है मामला ?
साल 2020 में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद खाली हुई मरवाही विधानसभा सीट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की बहू ऋचा जोगी ने भी नामांकन दाखिल करते हुए चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी पेश की थी, जिसमें उन्होंने ऋचा रूपाली साधु के नाम से जाति प्रमाण पत्र जारी होना बताया था। लेकिन जून 2021 को उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने ऋचा जोगी के गोंड अनुसूचित जनजाति के स्थायी प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया था। उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति के अध्यक्ष डीडी सिंह थे। उन्होंने कहा था कि जांच में पाया गया कि ऋचा जोगी के पिता क्रिश्चियन थे और समिति ने सभी पक्षों की सुनवाई करने के बाद यह फैसला लिया है।

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