छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े डॉग शो की सिल्वर जुबली: भिलाई में देसी और विदेशी डॉग्स ने दिखाया जलवा… डॉग ओनर्स ने किया दिल छूने वाला संदेश, फ्री वैक्सीन के साथ लोगों को दिया देसी डॉग्स अडॉप्ट करने का संदेश; देखिए तस्वीरें

  • देसी डॉग्स को मिली फ्री एंट्री और रेबीज वैक्सीनेशन
  • 3 साल का मिन पिन “मिनिएचर पिंसर” ब्रीड का “पिंटू” की साइज देखने लायक
  • डोगो अर्जेंटीना, मिन पिन, पियोर वाइट साइबेरियन हस्की समेत कई अनोखे नस्ल के डॉग्स हुए शामिल
  • सिल्वर जुबलिये आयोजन में 200 से ज्यादा डॉग्स ने लिया हिस्सा
  • “अडॉप्ट डोंट शॉप” – देसी डॉग्स को गॉड लेने किया गया प्रेरित
  • प्रेम प्रकाश पांडेय बोले- “इंसान और डॉग्स का पुराना नाता”

भिलाई। भिलाई में छत्तीसगढ़ डॉग लवर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित 25वें वार्षिक डॉग शो में दुनिया भर के कई खास ब्रीड के डॉग्स एक साथ आए। इस इवेंट का आयोजन प्रसिद्ध पशुचिकित्सक डॉ. सुशोभन रॉय के नेतृत्व में हुआ, जो हर साल इस शो का आयोजन करते हैं। 1992 में शुरू हुआ ये डॉग शो 2025 में अपनी सिल्वर जुबली मना रहा है। इस साल के शो में डोगो अर्जेंटीना, मिन पिन, साइबेरियन हस्की, सेंट बर्नार्ड, गोल्डन रिट्रीवर, रॉटविलर, डोबर्मन, जर्मन शेफर्ड, चाऊ चाऊ और भारतीय नस्ल के ‘इंडी’ डॉग्स सहित 200 से ज्यादा डॉग्स ने भाग लिया।

फ्री एंट्री और टीकाकरण
इस साल एक विशेष पहल की गई, जिसमें देसी डॉग्स (इंडी) के लिए शो में फ्री एंट्री और फ्री रेबीज वैक्सीनेशन दिया गया। इसके जरिए ‘अडॉप्ट, डोंट शॉप’ और ‘गर्व से देसी’ जैसे संदेशों को फैलाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान, डॉग ओनर्स और पशु प्रेमियों ने इस पहल की सराहना की।

नई उम्मीदें और रोजगार के अवसर
डॉ. रॉय ने कहा, “इस शो में अब 200 से अधिक डॉग्स ने भाग लिया है, जबकि 1992 में यह संख्या काफी कम थी। यह इवेंट न सिर्फ डॉग्स के प्रति लोगों का प्यार बढ़ा रहा है, बल्कि इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न कर रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा हो रहा है।”

कुत्तों से संबंध और परिवार की अहमियत
इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडे ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, “कुत्तों और इंसानों का रिश्ता बहुत पुराना है। हमारे समय में कुत्तों और गायों के लिए खास खाना रखा जाता था, और उन्हें परिवार के सदस्य के तौर पर माना जाता था। आजकल लोग नस्लीय कुत्तों को अपनाते हैं, लेकिन हमारी परंपरा में सड़क के कुत्तों को भी दुलारते थे। कुत्ता सच्चा और वफादार दोस्त होता है जो हमें कभी धोखा नहीं देता।”

डॉग ओनर्स का संदेश
कार्यक्रम में पहुंचे डॉग ओनर्स ने दिल छू लेने वाले संदेश दिए। उनका कहना था, “कुत्तों को अपनाने का मतलब एक 15 साल तक के रिश्ते को निभाना है। ये कभी हमें धोखा नहीं देते, और अगर किसी को अपनाया है तो उसे परिवार की तरह प्यार और देखभाल देना चाहिए। उन्हें कभी भी सड़कों पर छोड़ना या त्यागना गलत है।”

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