शहर सरकार में फूट: रिसाली निगम में किसी भी वक्त अविश्वास प्रस्ताव, जा सकती है मेयर शशि की कुर्सी… कांग्रेस के पार्षदों ने ही खोला मोर्चा, 4 MIC मेंबरों ने मेयर की शिकायत पूर्व गृह मंत्री से की तो महापौर ने चारों को दिखा दिया काउंसिल से बाहर का रास्ता… क्या भाजपा भुनाएगी मौका?

रिसाली, दुर्ग। रिसाली निगम में किसी भी वक्त मेयर शशि सिन्हा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आ सकता है। हाल ही में कांग्रेस के चार MIC मेंबरों अनूप डे, चंद्रभान ठाकुर, गोविंद चतुर्वेदी और सोनिया देवांगन ने मेयर के खिलाफ पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू से शिकायत की। इस पर मेयर ने चारों को काउंसिल से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

कांग्रेस की नेतृत्व वाली शहर सरकार में फूट के संकेत मिल रहे हैं, जहां मेयर के खिलाफ उनके ही पार्टी के पार्षद मोर्चा खोल चुके हैं। इस स्थिति का फायदा उठाने के लिए बीजेपी अभी “वेट एंड वाच” की रणनीति अपनाए हुए है, लेकिन वह जल्द ही मौके को भुनाने की कोशिश कर सकती है।

बीजेपी के पास पहले से ही 12 पार्षद हैं, और 3 निर्दलीय पार्षद भी उनके पाले में हैं, जिससे कुल विपक्षी संख्या 15 पार्षदों तक पहुँच गई है। वहीं, कांग्रेस के पास 24 पार्षद हैं, लेकिन नेवई के पार्षद डोमनलाल बारले के निधन के बाद उनकी स्थिति थोड़ी कमजोर हुई है।

सूत्रों के मुताबिक, मेयर के कार्यों और कमीशन के खेल के चलते यह शिकायत की गई है, जिससे कांग्रेस के लिए संकट का समय आ गया है। अब देखना होगा कि क्या मेयर शशि सिन्हा अपनी कुर्सी बचा पाती हैं या फिर विपक्ष के द्वारा उन्हें अस्थिर किया जाएगा।

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